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दिल्ली में CBI ने एक अभियुक्त के खिलाफ दर्ज किया FIR, पीएम मोदी के नाम का दुरुपयोग करने का है आरोप

Delhi: CBI ने एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिस पर आरोप है कि उसने PMO, ISRO के अध्यक्ष, HAL, DRDO और यहां तक ​​कि पेंटागन को ईमेल लिखकर यह झूठा दावा किया है कि उसे स्वदेशी सैन्य जेट इंजन के निर्माण में सरकार की मदद के लिए पीएम मोदी का "आशीर्वाद" प्राप्त है।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jan 01, 2026 पर 1:11 PM
दिल्ली में CBI ने एक अभियुक्त के खिलाफ दर्ज किया FIR, पीएम मोदी के नाम का दुरुपयोग करने का है आरोप
दिल्ली में CBI ने एक अभियुक्त के खिलाफ दर्ज किया FIR, पीएम मोदी के नाम का दुरुपयोग करने का है आरोप

Delhi: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिस पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और यहां तक ​​कि पेंटागन को ईमेल लिखकर यह झूठा दावा किया है कि उसे स्वदेशी सैन्य जेट इंजन के निर्माण में सरकार की मदद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "आशीर्वाद" प्राप्त है। यह जानकारी CNN-News18 ने दी।

FIR में कहा गया है कि ईमेल में प्रधानमंत्री के नाम का दुरुपयोग किया गया है। इन ई-मेल्स के लगभग एक साल बाद FIR दर्ज की गई है। ई-मेल निश्चेत कोहली नामक व्यक्ति ने भेजे थे, जो दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में रहता है। मार्च में पीएमओ द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, उसे एक ई-मेल की कॉपी मिली थी, जिसे कोहली ने भारत सरकार के कई कार्यालयों में भेजा था।

CNN-News18 की रिपोर्ट में CBI की FIR के हवाले से कहा गया है, “कोहली ने अपने ईमेल के माध्यम से दावा किया है कि वह भारत सरकार को स्वदेशी सैन्य जेट इंजन के विकास की संभावनाओं का पता लगाने में मदद करना चाहता है। उसने अपनी साख को प्रमाणित करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली के श्री पी.के. मिश्रा का नाम भी लिया है और कहा है कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद और शुभकामनाएं प्राप्त हैं। प्रथम दृष्टया, यह माननीय प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और स्वयं माननीय प्रधानमंत्री के नाम का पेशेवर उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग का मामला प्रतीत होता है।”

CBI की प्रारंभिक जांच में पता चला कि कोहली ने Premier Explosives Limited, Aeronautical Development Establishment (ADE) के डायरेक्टर और ISRO के चेयरमैन को ईमेल भेजकर स्वदेशी सैन्य जेट इंजन के विकास की जांच में सरकार की मदद करने की इच्छा व्यक्त की थी।

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