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PMCH में बवाल, जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से OPD-इमरजेंसी सेवाएं ठप, 2,000 मरीज वापस लौटे

PMCH Patna: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH में हालात बेकाबू हो गए हैं। जूनियर डॉक्टरों के अचानक हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल की OPD और इमरजेंसी दोनों सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों में हड़कंप मच गया।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Dec 04, 2025 पर 11:09 AM
PMCH में बवाल, जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से OPD-इमरजेंसी सेवाएं ठप, 2,000 मरीज वापस लौटे
PMCH में बवाल, जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से OPD-इमरजेंसी सेवाएं ठप, 2,000 मरीज वापस लौटे

PMCH Patna: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH में हालात बेकाबू हो गए हैं। जूनियर डॉक्टरों के अचानक हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल की OPD और इमरजेंसी दोनों सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों में हड़कंप मच गया। उपचार के लिए दूर-दूर से आए मरीज बिना इलाज लौटने को मजबूर हो रहे हैं। हालत यह है कि 2 हजार से ज्यादा मरीज इलाज न मिलने की वजह से वापस चले गए और 100 नए मरीजों को भर्ती तक नहीं किया जा सका।

बता दें कि हड़ताल का मुख्य कारण जूनियर डॉक्टर्स और मरीज के परिजनों के बीच हुई मारपीट है। दरअसल, बुधवार को सुबह 70 साल के सुरेश सिंह की मौत के बाद उनके परिजन बेकाबू हो गए और गुस्से में आकर मेडिसिन इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों के साथ मारपीट कर दी। इस हमले के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया और सामूहिक रूप से OPD और इमरजेंसी सेवाएं रोकते हुए हड़ताल पर चले गए।

दूसरी तरफ मृतक के बेटे अमन सिंह ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा उन्हें, उनकी बहन और रिश्तेदार को हेलमेट, लाठी-डंडे और स्टिक से मारा गया है। हालांकि, दोनों पक्षों की तरफ से थानें में मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। वहीं, जुनियर डॉकटरों का कहना है कि सुरक्षा नहीं होने से बार-बार ऐसे हमले होते रहते हैं।

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