प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे के भीरपुर और मेजा स्टेशन के बीच तेजस राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम कर दी गई। कुछ शरारती लोगों ने रात में रेलवे ट्रैक पर बड़े-बड़े पत्थर (बोल्डर) रख दिए थे। हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता से ट्रेन समय रहते रोक दी गई और बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद रेलवे में हड़कंप मच गया और RPF (रेलवे सुरक्षा बल) की टीम छिवकी से मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के लिए ट्रेन को करीब 10 मिनट तक रोका गया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पत्थर डाउन ट्रैक पर किलोमीटर संख्या 794/18-16 के बीच रखे गए थे। लोको पायलट के बयान और सामने आई तस्वीरों के आधार पर संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई है।
फिलहाल इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अच्छी बात यह है कि इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ।
रेलवे प्रशासन अब आसपास के इलाके की सुरक्षा और निगरानी बढ़ा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो सकें।
हरदोई में ट्रेन पटरी से उतारने की साजिश
इससे पहले उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में 20 मई को लोको पायलटों की सतर्कता के कारण राजधानी एक्सप्रेस समेत दो ट्रेनों को पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम कर दी गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने दावा किया कि सोमवार शाम को अज्ञात बदमाशों ने दलेलनगर और उमरताली स्टेशनों के बीच पटरी पर अर्थिंग वायर का इस्तेमाल कर लकड़ी का गुटखा बांध दिया।
पुलिस ने बताया कि दिल्ली से असम के डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस (20504) के लोको पायलट ने अवरोध को देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाया। लोको पायलट ने अवरोध को हटाया और रेलवे अधिकारियों को सूचित किया।
राजधानी एक्सप्रेस के बाद काठगोदाम एक्सप्रेस (15044) को पटरी से उतारने की दूसरी कोशिश की गई। पुलिस ने बताया कि लोको पायलट की सजगता के कारण घटना टल गई और कोई अनहोनी नहीं हो पाई।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने सोमवार शाम को घटनास्थल का दौरा किया और आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने पुष्टि की कि राजकीय रेलवे पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस की टीम घटना की जांच कर रही हैं।