Get App

भ्रष्टाचार, करियर और बढ़ती जिम्मेदारियां... शादी के बाद बच्चे नहीं चाहते युवा, महंगाई ने बदल दी परिवार की सोच

देश में बड़ी संख्या में युवा शादी तो कर रहे हैं। लेकिन बच्चे पैदा करने का फैसला टाल रहे हैं। या फिर एक ही बच्चे तक सीमित रहने का विकल्प चुन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे महंगी शिक्षा, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सेवाएं, घरों की बढ़ती कीमतें, नौकरी की अनिश्चितता और बदलती जीवनशैली जैसे कई कारण हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jun 30, 2026 पर 9:30 AM
भ्रष्टाचार, करियर और बढ़ती जिम्मेदारियां... शादी के बाद बच्चे नहीं चाहते युवा, महंगाई ने बदल दी परिवार की सोच
युवा शादी तो कर रहे हैं, लेकिन बच्चे पैदा करने का फैसला टाल रहे हैं

देश के शहरी इलाकों में एक नया सामाजिक बदलाव तेजी से दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में युवा शादी तो कर रहे हैं। लेकिन बच्चे पैदा करने का फैसला टाल रहे हैं। या फिर एक ही बच्चे तक सीमित रहने का विकल्प चुन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे महंगी शिक्षा, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सेवाएं, घरों की बढ़ती कीमतें, नौकरी की अनिश्चितता और बदलती जीवनशैली जैसे कई कारण हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या आर्थिक दबाव भारत की जनसांख्यिकी को भी प्रभावित कर रहा है?

दरअसल, शादी के बाद बच्चे पैदा करने का फैसला अब केवल पारिवारिक परंपरा का विषय नहीं रह गया है। आज के युवा इसे आर्थिक क्षमता, करियर, जीवनशैली और भविष्य की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं। यही कारण है कि भारत के कई शहरी क्षेत्रों में परिवार की पारंपरिक परिभाषा धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है।

शादी के बाद बदल रही है युवाओं की प्राथमिकता

पहले शादी के कुछ वर्षों के भीतर संतान होना सामान्य माना जाता था। लेकिन अब महानगरों और बड़े शहरों में यह सोच तेजी से बदल रही है। युवा कपल पहले आर्थिक रूप से स्थिर होना चाहते हैं। करियर बनाना चाहते हैं और उसके बाद ही परिवार बढ़ाने पर विचार करते हैं। कई कपल तो बच्चों की जिम्मेदारी उठाने के बजाय 'चाइल्ड-फ्री' जीवनशैली को भी अपना रहे हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें