Delhi AQI: दिवाली के बाद आज दिल्ली-NCR की हवा जहरीली हो गई है। दिल्ली के अधिकांश इलाकों में हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। मंगलवार सुबह 6 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 346 दर्ज किया गया, जिसके साथ अधिकांश क्षेत्र 'रेड जोन' में हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों पर से बैन हटाने के बाद 'ग्रीन' पटाखों के साथ दिवाली मनाने के बावजूद, रविवार को ही दिल्ली की हवा घातक हो गई थी।
दिवाली के अगले दिन मंगलवार सुबह 6 बजे दिल्ली की हवा में जहरीलापन बना हुआ है और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 346 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। हालांकि, कई इलाकों में हवा 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज हुई: बवाना में 418, वजीरपुर में 408, और जहांगीरपुरी में 404 AQI रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा, बुराड़ी क्रॉसिंग और शादीपुर में 393, द्वारका में 389 और आनंद विहार में 352 दर्ज किया गया, जबकि मेजर ध्यान चंद स्टेडियम (358) और चांदनी चौक (347) भी 'बहुत खराब' श्रेणी में रहे। सोमवार को, दिवाली के दिन, दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 345 था, जो 38 में से 34 निगरानी स्टेशनों पर 'रेड जोन' (बहुत खराब से गंभीर) में दर्ज किया गया था।
पिछले साल के मुकाबले इस बार आंशिक राहत
इस साल दिवाली पर प्रदूषण का स्तर पिछले साल की तुलना में कम रहा, जिससे दिल्लीवासियों को अपेक्षाकृत राहत मिली है। पिछले साल 31 अक्टूबर की रात दिल्ली-एनसीआर में AQI लेवल 900 पॉइंट को भी पार कर गया था, जिसमें एनसीआर के वैशाली में 911 और दिल्ली के कड़कड़डूमा में 806 रिकॉर्ड किया गया था। जबकि राजधानी के करीब-करीब सभी इलाकों में AQI 600 के आसपास बना रहा था। इस बार AQI का 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी तक सीमित रहना यह दिखाता है कि प्रदूषण के स्तर में पिछले साल के भयंकर स्तर की तुलना में कुछ कमी आई है।
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों से पता चला कि सोमवार को दिल्ली के प्रदूषण में:
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मंगलवार और बुधवार को शहर के व्यापक हिस्सों में हवा की गुणवत्ता और बिगड़ने और 'गंभीर' श्रेणी में जाने की आशंका है। आपको बता दें कि CPCB के अनुसार, AQI 301–400 'बहुत खराब' और 401–500 'गंभीर' श्रेणी में आता है, जिसका मतलब है कि हवा में सांस लेना सभी के लिए हानिकारक है।