अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित शराब घोटाले में बरी कर दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी के मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ED और CBI पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ED और CBI अफसरों को इंडिया गेट पर फांसी दे देनी चाहिए। खुद केजरीवाल भी इस मामले पर बोलते हुए कैमरे के आगे रो पड़े।
सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह जीत अरविंद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया की नहीं, बल्कि उन लोगों की है, जो ईमानदार और निष्ठावान बने रहना चाहते हैं। आज देश में ऐसा माहौल बन गया है, जहां ईमानदार अधिकारियों को परेशान किया जा रहा है। इस फैसले के चलते 5-10% IAS अधिकारी और न्यायपालिका ईमानदार बने रहेंगे।"
AAP नेता ने आगे कहा, "CBI सबसे पहले अपने पापा मोदी जी के पास जाएगी... जो जांच अधिकारी ईमानदार लोगों को झूठे मामलों में जेल भेजते हैं, उन्हें इंडिया गेट पर सरेआम फांसी दी जानी चाहिए। अगर हम सरकार बनाते हैं, तो हम इस संबंध में कानून लाएंगे।"
दरअसल दिल्ली की पुरानी शराब नीति से जुड़े कथित घोटाले में शुक्रवार को ऐसा फैसला आया, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और बाकी सभी आरोपियों को भ्रष्टाचार केस में बड़ी राहत दे दी। कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में अभी आरोप तय करने लायक मजबूत सबूत सामने नहीं आए हैं।
विशेष जज जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में बताया कि जांच एजेंसी CBI ऐसे ठोस दस्तावेज या गवाही पेश नहीं कर पाई, जिनके आधार पर मुकदमा आगे बढ़ाया जा सके।
फैसले के वक्त केजरीवाल और सिसोदिया दोनों कोर्ट में मौजूद थे। आदेश सुनते ही उन्हें कानूनी तौर पर बड़ी राहत मिल गई। हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है- CBI अब इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
अदालत ने अपनी टिप्पणी में जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। जज ने कहा कि चार्जशीट में कई कमियां हैं और गवाहों के बयान भी आरोपों को साफ तौर पर साबित नहीं करते। रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री आरोप तय करने की कानूनी कसौटी पर खरी नहीं उतरती।
इस फैसले से कुल 23 लोगों को राहत मिली। अदालत के इस कदम को दिल्ली की राजनीति में एक अहम मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है, और अब सबकी नजरें आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।