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Delhi Violence: तुर्कमान गेट हिंसा मामले में 11 गिरफ्तार! 10 इन्फ्लुएंसर और WhatsApp ग्रुप जांच के दायरे में, सपा नेता को नोटिस भेजने की तैयारी

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट हिंसा के सिलसिले में 6 और गिरफ्तारियां की है। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को ध्वस्त करने के बारे में झूठे दावे करने वाले 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की पहचान हुई है। दिल्ली पुलिस समाजवादी पार्टी (SP) के नेता मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजने की योजना बना रहे हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 11:12 PM
Delhi Violence: तुर्कमान गेट हिंसा मामले में 11 गिरफ्तार! 10 इन्फ्लुएंसर और WhatsApp ग्रुप जांच के दायरे में, सपा नेता को नोटिस भेजने की तैयारी
Turkman Gate violence: नई दिल्ली में रामलीला मैदान इलाके में एक मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद की तस्वीर है। (फोटो क्रेडिट: PTI)

Turkman Gate violence:  दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट हिंसा के सिलसिले में छह और गिरफ्तारियां की है। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को ध्वस्त करने के बारे में झूठे दावे करने वाले कम से कम 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की पहचान हुई हैइन नई गिरफ्तारियों के साथ अब तक पकड़े गए लोगों की कुल संख्या 11 हो गई हैइनमें एक नाबालिग भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने कथित तौर पर गुमराह करने वाले ऑडियो मैसेज फैलाने के आरोप में कई WhatsApp ग्रुप को जांच के दायरे में रखा है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि वे समाजवादी पार्टी (SP) के नेता मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजने की योजना बना रहे हैं। वह जो कथित तौर पर मौके पर मौजूद थेदिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा ने पहले कहा था, "शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि नदवी वहां मौजूद थे। लेकिन जब तक तोड़फोड़ शुरू हुई, तब तक वह चले गए थेइसकी जांच की जा रही है"

फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (MCD) के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसा भड़कने के बाद तुर्कमान गेट इलाके में महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा करने के लिए एक फोरेंसिक टीम तैनात की गई थी। उस दौरान पत्थरबाजी की खबरें आई थीं।

अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने घटनाक्रम का पुनर्निर्माण करने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के प्रयासों के तहत घटनास्थल का सावधानीपूर्वक निरीक्षण किय। साथ ही सैंपल इकट्ठा और नुकसान का दस्तावेजीकरण किया।

कैसे भड़की हिंसा?

पुलिस ने कहा कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को मस्जिद के पास अदालत के आदेश पर चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान व्हाट्सएप वॉयस नोट्स और सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए फैलाई गई गलत सूचनाओं के कारण पत्थरबाजी हुई।

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