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'क्या काम के वक्त ED अधिकारियों के अपने कोई अधिकार नहीं?' I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से पूछे सवाल

पश्चिम बंगाल सरकार ने ED की उस याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 8 जनवरी को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (I-PAC) के कार्यालय की तलाशी के दौरान बनर्जी और राज्य के अन्य अधिकारियों ने बाधा डाली थी। यह छापेमारी धनशोधन जांच के सिलसिले में की गई थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 8:42 PM
'क्या काम के वक्त ED अधिकारियों के अपने कोई अधिकार नहीं?' I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से पूछे सवाल
I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से पूछे सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने ‘I-PAC’ पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से कथित तौर पर बाधा डाले जाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर याचिका की स्वीकार्यता पर आपत्ति जताने को लेकर मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार से पूछताछ की और जांच एजेंसी से जुड़े अधिकारियों के मौलिक अधिकारों के बारे में सवाल किए। शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि ED के कुछ अधिकारियों ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में याचिकाएं दायर कर यह जानने का आग्रह किया है कि क्या वे केवल एजेंसी के अधिकारी होने के कारण भारत के नागरिक नहीं रह जाते हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार ने ED की उस याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 8 जनवरी को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (I-PAC) के कार्यालय की तलाशी के दौरान बनर्जी और राज्य के अन्य अधिकारियों ने बाधा डाली थी। यह छापेमारी धनशोधन जांच के सिलसिले में की गई थी।

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन वी अंजारी की बेंच से बनर्जी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अदालत में याचिका दायर करने वाले व्यक्ति को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि उसके किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है।

जस्टिस मिश्रा ने टिप्पणी की, "कृपया ED उन अधिकारियों के मौलिक अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करें जिनके साथ अपराध किया गया है। यदि आप केवल ईडी, ईडी, ईडी पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं और उस अपराध के शिकार हुए व्यक्तिगत अधिकारियों द्वारा दायर दूसरी याचिका को भूल जाते हैं, तो आप मुख्य मुद्दे से भटक सकते हैं और आपको कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।’’

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