सुप्रीम कोर्ट ने ‘I-PAC’ पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से कथित तौर पर बाधा डाले जाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर याचिका की स्वीकार्यता पर आपत्ति जताने को लेकर मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार से पूछताछ की और जांच एजेंसी से जुड़े अधिकारियों के मौलिक अधिकारों के बारे में सवाल किए। शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि ED के कुछ अधिकारियों ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में याचिकाएं दायर कर यह जानने का आग्रह किया है कि क्या वे केवल एजेंसी के अधिकारी होने के कारण भारत के नागरिक नहीं रह जाते हैं।
