Sidhu Moose Wala : पंजाब के फेमस सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुए तीन साल से अधिक समय हो गया। सिद्धू मूसे वाला की हत्या का आरोप गैंगस्टर गोल्डी बरार पर लगा है। वहीं 11 जून को ही सिद्धू मूसेवाला के जन्मदिन के दिन उनकी मर्डर पर दो पार्ट में बनी डॉक्यूमेंट्री को बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की तरफ से रिलीज की गई है। इस डॉक्यूमेंट्री में गैंगस्टर गोल्डी बरार ने बड़ा दावा किया है।
सिद्धू मूसेवाला पर बनी है डॉक्यूमेंट्री
बीबीसी की नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ 'द किलिंग कॉल' में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने पहली बार खुलकर बताया कि क्यों मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को निशाना बनाकर मारा गया। बीबीसी से एक ऑडियो रिकॉर्डिंग के ज़रिए बातचीत करते हुए बराड़ ने कहा कि मूस वाला की हरकतों के चलते उनके पास उसे मारने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। गोल्डी बराड़ ने कहा, "उसने अपने घमंड में ऐसी गलतियाँ कीं जिन्हें माफ नहीं किया जा सकता। हमारे पास उसे खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसे अपने किए की सजा भुगतनी थी। या तो वह रहता या हम। बस इतना ही।"
सिद्धू मूसेवाला और बिश्नोई गैंग
डॉक्यूमेंट्री 'द किलिंग कॉल' मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 2022 में हुई दिनदहाड़े हत्या की कहानी को उजागर करती है। मूस वाला की उनके ही गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे देश में गुस्सा और शोक की लहर दौड़ गई थी। उस वक्त लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन हत्या के पीछे की असली वजहें अब तक पूरी तरह साफ नहीं थीं। इस सीरीज़ में एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि मूस वाला का लॉरेंस बिश्नोई से पुराना संपर्क था। गोल्डी बराड़ ने बताया कि मूस वाला और बिश्नोई सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे, यहां तक कि तब भी जब मूसवाला कनाडा में था और अपने म्यूजिक करियर की शुरुआत कर रहा था।
बिश्नोई गैंग से रिश्तों में आई दरार
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने बीबीसी को बताया कि लॉरेंस बिश्नोई और सिद्धू मूसेवाला के बीच संपर्क था। उसने कहा, “लॉरेंस सिद्धू के संपर्क में था। मुझे नहीं पता कि उन्हें किसने मिलवाया और मैंने कभी इसका कारण नहीं पूछा। लेकिन दोनों के बीच बातचीत होती थी।” बराड़ ने दावा किया कि मूस वाला लॉरेंस की चापलूसी करने के लिए उसे ‘गुड मॉर्निंग’ और ‘गुड नाइट’ जैसे मैसेज भेजता था। वहीं, मूस वाला के एक करीबी दोस्त ने भी बीबीसी को बताया कि बिश्नोई जेल से फोन कर मूस वाला को बताता था कि वह उसका फैन है।
हालांकि, ये दोस्ती ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। धीरे-धीरे रिश्तों में खटास आ गई और आपसी तनाव बढ़ गया। बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में यह भी बताया गया है कि भारत लौटने के बाद मूस वाला का संपर्क कुछ प्रतिद्वंद्वी गैंग के सदस्यों से हो गया था। कहा जा रहा है कि उसने कुछ ऐसी सीमाएं पार कर दीं, जिससे वह टारगेट बन गया।