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Trump Tariff: ट्रंप के टैरिफ से दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां जा सकती हैं

डोनाल्ड ट्रंप ने इंडिया सहित 70 से ज्यादा देशों पर टैरिफ 90 दिनों के लिए टाल दिया है। इस बीच, इंडिया सहित कई देश अमेरिका से बातचीत के जरिए बीच का रास्ता निकाल सकते हैं। लेकिन, अगर कोई रास्ता नहीं निकलता है तो कुछ सेक्टर की कंपनियों पर एंप्लॉयीज की संख्या घटाने का दबाव बढ़ सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 12, 2025 पर 9:51 AM
Trump Tariff: ट्रंप के टैरिफ से दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां जा सकती हैं
इंडिया में सोशल सिक्योरिटी नहीं होने से नौकरी जाने का ज्यादा असर एंप्लॉयीज पर पड़ता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। कंपनी पहले से खर्च घटाने के लिए एंप्लॉयीज की संख्या घटाने का उपाय अपनाती रही हैं। अगर 90 दिनों के अंदर ट्रंप टैरिफ का कोई समाधान नहीं निकलता है तो यह कई कंपनियों को छंटनी करने के लिए मजबूर कर सकता है। इस साल पहले ही इंडिया में ओला इलेक्ट्रिक से लेकर अमेरिका में एचपी सैकड़ों एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाल चुकी हैं।

मुश्किल आते ही छंटनी करती हैं कंपनियां

कंपनियां जब समय अच्छा चल रहा होता है तो नए प्रोजेक्ट्स और बिजनेसेज के लिए बड़ी संख्या में हायरिंग करती हैं। फिर मुश्किल आते ही एंप्लॉयीज की छंटनी शुरू कर देती हैं। कोविड शुरू होने पर कंपनियों ने बड़ी संख्या में एंप्लॉयीज की छंटनी की थी। तब आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ जाने से ज्यादातर कंपनियों का रेवेन्यू बंद हो गया था। कंपनियां छंटनी को अलग-अलग नाम देती हैं। कुछ इसे रिस्ट्रक्चरिंग कहती हैं तो कुछ इसे राइटसाइजिंग कहती हैं।

जूनियर एंप्लॉयीज पर पड़ता है छंटनी का ज्यादा असर

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