Direct vs Regular Mutual Funds: अगर आपने कभी म्यूचुअल फंड के विकल्प देखे हैं, तो आपने जरूर नोटिस किया होगा कि एक ही फंड दो तरह में आता है- डायरेक्ट और रेगुलर। पहली नजर में दोनों एक जैसे लगते हैं। एक ही पोर्टफोलियो, एक ही फंड मैनेजर, एक ही स्ट्रैटेजी। लेकिन एक अहम फर्क है, जो समय के साथ आपकी कमाई को प्रभावित करता है।
