विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरानी जहाज 'IRIS डेना' (IRIS Dena) पर अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो हमले के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत में ईरानी युद्धपोत IRIS लावन को शरण देने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी है। जयशंकर ने अपने भाषण में अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का भी जिक्र किया और कहा कि, 'वह यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन लॉ ऑफ दी शी यानी UNCLOS और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन करते हैं। लेकिन मानवीय आधार पर ईरान के जहाज को शरण देने का फैसला सही था, लेकिन वह गलत वक्त पर गलत जगह फंस गए।'
