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साधना ग्रुप के राकेश गुप्ता को ईडी ने किया गिरफतार, देर रात करीब दो बजे कोर्ट में हुई पेशी

साधना ग्रुप के सीएमडी राकेश गुप्ता को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 168 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग मामले में आज गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राकेश गुप्ता को ईडी की 7 दिन की रिमांड में देने का आदेश दिया है। गुप्ता को 9 अक्टूबर, 2026 को वसंत कुंज से गिरफ्तार किया गया था।

shankar anandअपडेटेड Oct 10, 2026 पर 3:34 PM
साधना ग्रुप के राकेश गुप्ता को ईडी ने किया गिरफतार,  देर रात करीब दो बजे कोर्ट में हुई पेशी
गिरफ्तारी के बाद गुप्ता को 10 अक्टूबर की रात करीब 2:03 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

साधना टीवी और अन्य मीडिया नेटवर्क के मालिकाना अधिकार वाले साधना ग्रुप के सीएमडी राकेश गुप्ता को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 168 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग मामले में आज गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राकेश गुप्ता को ईडी की 7 दिन की रिमांड में देने का आदेश दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ और कथित हवाला लेनदेन की जांच के लिए हिरासत की मांग की थी।

गुप्ता को शुक्रवार, 9 अक्टूबर, 2026 की रात 10.25 बजे दिल्ली के वसंत कुंज स्थित ईश्वर फार्म्स से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद गुप्ता को 10 अक्टूबर की रात करीब 2:03 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद अदालत में रिमांड आवेदन पर सुनवाई हुई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि, गुप्ता की उम्र और दिखाए गए खास कामों को देखते हुए, सात दिन के बजाय पांच दिन की ईडी कस्टडी सही है। अपने आदेश में अतिरिक्त सत्र जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने कहा कि 63 वर्षीय गुप्ता को 15 अक्टूबर को शाम 4 बजे फिर से अदालत में पेश करना होगा।

क्या है पूरा मामला?

ईडी की जांच मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले पर आधारित है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के बजाय भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं, 406, 409, 420, 468, 471, 477A और 120-B, के तहत दर्ज की गई थी। इनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि गुप्ता ने साधना ग्रुप की कंपनी साधना मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (SMPL) को दिवालिया प्रक्रिया में पहुंचाने की साजिश रची।

संबंधित लेनदारों के पास कंपनी की 99.41% हिस्सेदारी होने के बावजूद कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया में धकेला गया। जांच अधिकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के कारण करीब 110.10 करोड़ रुपये का आयकर मांग का भुगतान नहीं हुआ। वहीं, आरोपी पर SMPL और Aryan TV के दोबारा बिक्री सौदों के जरिए 2.50 करोड़ से 2.82 करोड़ रुपये नकद प्राप्त करने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि इससे जुड़ी रकम का इस्तेमाल कनेक्टेड कंपनियों को भुगतान करने में किया गया।

ईडी ने क्यों मांगी हिरासत?

ईडी ने अदालत को बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम पहलुओं की जांच करनी है। इनमें कथित हवाला के जरिए भेजी गई रकम, शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट लिमिटेड में रखे गए 2.99 करोड़ रुपये और सरोज कंस्ट्रक्शन एंड ग्राफिक्स को कथित तौर पर देय 8.98 करोड़ रुपये शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी के iPhone 13 Pro और iPad Pro से मिले डेटा की जांच के साथ-साथ सह-आरोपियों के बयानों का भी विश्लेषण करना है। एजेंसी दुबई और सिडनी में टेलीकास्ट की रसीदों, क्रिप्टोकरेंसी/हवाला से जुड़े कथित लेनदेन और गोल मार्केट स्थित कार्यालय में रखे बैंक बुक व डीमैट रिकॉर्ड की जांच करना चाहती है। जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि गवाह आरोपी के कर्मचारी और रिश्तेदार हैं, इसलिए गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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