प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 25 जून को कर्नाटक में बेंगलुरु समेत 18 स्थानों पर छापे मारे। कहा जा रहा है कि बेंगलुरु के कुछ प्राइवेट कॉलेजों में कथित ‘इंजीनियरिंग सीट ब्लॉकिंग घोटाले’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत ये छापे मारे गए। आरोप हैं कि बेंगलुरु के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटों को एकेडमिक सेशन 2024-25 के दौरान गैरकानूनी तरीके से ब्लॉक किया गया और बेचा गया।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, BMS कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, आकाश इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और न्यू होराइजन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग जैसे कॉलेजों के परिसरों, BMS के ट्रस्टीज और उनके मुख्य सहयोगियों के अलावा कुछ शिक्षा सलाहकारों और एजेंट के यहां भी तलाशी ली गई। ईडी की बेंगलुरु जोनल इकाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत यह जांच कर रही है।
2024 में मल्लेश्वरम पुलिस ने की थी जांच
पूरा मामला कुछ इस तरह है कि बेंगलुरु में कथित तौर पर 2,000 से ज्यादा इंजीनियरिंग सीटों को धोखाधड़ी से ब्लॉक किया गया। इन्हें बेचकर कुछ प्राइवेट कॉलेजों को फायदा पहुंचाया गया। इस घोटाले से पात्र छात्र इंजीनियरिंग सीट पाने से वंचित रह गए। घोटाले की शुरुआत में 2024 में मल्लेश्वरम पुलिस ने जांच की थी। उसके बाद कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी (KEA) के एक कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ मेंबर समेत लगभग एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया। जब बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और ब्लॉक की गई सीटों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की रिपोर्ट हुई तो ईडी ने जांच लोकल पुलिस से अपने हाथ में ले ली।