CM Chandrababu Naidu: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को स्किल डेवलपमेंट घोटाले मामले में बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालयन (ED) ने आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (APSSDC) सीमेंस प्रोजेक्ट घोटाले मामले में पैसे की कथित लॉन्ड्रिंग केस में सीएम को क्लीन चिट दे दी है। ED ने कहा है कि इस कथित घोटाले में उनका कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट इन्वॉल्वमेंट नहीं है।
अपनी नई चार्जशीट में ED ने कहा कि कुछ आरोपियों ने सरकारी फंड को डायवर्ट किया था। सीएम नायडू को इस केस में 2023 में गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की अगुवाई वाली YSRCP की सरकार थी। आंध्र हाई कोर्ट से 31 अक्टूबर, 2023 को जमानत मिलने से पहले नायडू ने राजामहेंद्रवरम सेंट्रल जेल में 50 दिन से अधिक बिताए थे।
रेड्डी की सरकार ने आरोप लगाया कि इस स्कीम में गड़बड़ियों की वजह से सरकारी खजाने को 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। न्यूज एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ED ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कहा कि उसे जुर्म की कमाई की लॉन्ड्रिंग में नायडू का कोई रोल नहीं मिला।
स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के क्लस्टर बनाने से जुड़ा था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 जनवरी को विशाखापत्तनम में स्पेशल PMLA कोर्ट में फाइल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में ED ने कहा कि नायडू को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ने का कोई सबूत नहीं है। इसी के साथ उन्हें केस में आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया।
इससे पहले आंध्र प्रदेश क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (AP CID) ने भी कहा था कि नायडू स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों में शामिल नहीं थे। विजयवाड़ा ACB कोर्ट ने केसको वापस लेने की इजाजत देते हुए यह भी कहा था कि आरोपों को बनाए रखने का कोई आधार नहीं है।
यह मामला आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (APSSDC) से फंड की कथित हेराफेरी से जुड़ा है। इससे राज्य सरकार को 300 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। यह मामला स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (CoEs) के क्लस्टर बनाने से जुड़ा था। इसकी कुल प्रोजेक्ट लागत लगभग 3,300 करोड़ रुपये थी। नायडू ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों में किसी भी गलत काम और कथित राजनीतिक बदले की भावना से इनकार किया है।