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Project Cheetah: 28 फरवरी को बोत्सवाना से आएंगे 8 चीते, भारत के प्रोजेक्ट चीता को मिलेगी नई ताकत

मध्य प्रदेश 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ चीतों के आगमन के साथ वैश्विक वन्यजीव संरक्षण में एक और निर्णायक कदम उठाने जा रहा है, जिससे भारत के महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास कार्यक्रम को मजबूती मिलेगी। यह कदम राज्य और केंद्र के बीच घनिष्ठ समन्वय के बीच उठाया गया है।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 8:58 AM
Project Cheetah: 28 फरवरी को बोत्सवाना से आएंगे 8 चीते, भारत के प्रोजेक्ट चीता को मिलेगी नई ताकत
28 फरवरी को बोत्सवाना से आएंगे 8 चीते, भारत के प्रोजेक्ट चीता को मिलेगी नई ताकत

Project Cheetah: मध्य प्रदेश 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ चीतों के आगमन के साथ वैश्विक वन्यजीव संरक्षण में एक और निर्णायक कदम उठाने जा रहा है, जिससे भारत के महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास कार्यक्रम को मजबूती मिलेगी। यह कदम राज्य और केंद्र के बीच घनिष्ठ समन्वय के बीच उठाया गया है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इस पूरी प्रक्रिया में हर तरह की लॉजिस्टिक और प्रशासनिक मदद देने का भरोसा दिया है।

चीतों के स्थानांतरण की कार्ययोजना केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में अंतिम रूप दी गई।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चर्चा सिर्फ चीतों तक सीमित नहीं थी, बल्कि राज्य के विशाल आरक्षित वन क्षेत्र पर भी बात हुई। उन्होंने बताया कि यह वन क्षेत्र पर्यटन, जैव विविधता और लोगों की आजीविका के लिए बेहद अहम है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने मध्य प्रदेश के बड़े रिजर्व फॉरेस्ट बेल्ट पर चर्चा की, जो हमारे पर्यटन उद्योग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, हमने अन्य राज्यों, खासकर असम से जंगली भैंसें लाने पर भी बात की और इस प्रक्रिया से जुड़ी मदद मांगी।”

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