Emirates Flights: केरल से दुबई जा रही दो एमिरेट्स फ्लाइट्स को सोमवार को वापस लौटना पड़ा। इसका मुख्य कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक सुरक्षा घटना के चलते फ्लाइट ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोक दिया जाना था। जिस वजह से तिरुवनंतपुरम और कोच्चि से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स बीच हवा में ही वापस लौट आईं और अपने-अपने एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप लैंडिंग कर गईं।
तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाली एमिरेट्स की एक फ्लाइट सुबह 4:40 बजे 353 यात्रियों और 19 क्रू मेंबर्स के साथ रवाना हुई। हालांकि, डेस्टिनेशन एयरपोर्ट पर ऑपरेशन बंद होने के बाद विमान को वापस लौटने का निर्देश दिया गया। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाइट सुबह लगभग 8:40 बजे तिरुवनंतपुरम में वापस उतरा और यात्रियों को बाद में टर्मिनल तक पहुंचाया गया।
कोच्चि में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली, जहां एमिरेट्स एयरलाइंस की एक अन्य फ्लाइट, EK533, जो सुबह 4:30 बजे कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 325 यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी, दुबई एयरपोर्ट के बंद होने के कारण वापस लौटने को कहा गया। विमान वापस लौटा और सुबह लगभग 8:30 बजे कोच्चि में सुरक्षित लैंडिंग कर गया।
दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी (CIAL) के प्रवक्ता ने कहा, “दुबई एयरपोर्ट पर स्थिति की समीक्षा होने तक यात्रियों को फ्लाइट में ही रहने की सलाह दी जाती है। अगर एयरपोर्ट फिर से चालू हो जाता है, तो वापसी सेवा जारी रहेगी।”
ड्रोन हमले से दुबई एयरपोर्ट के पास लगी आग, उड़ानें प्रभावित
अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन से जुड़ी एक घटना के कारण एयरपोर्ट के पास आग लगने के बाद दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द कर दी गईं। बताया जा रहा है कि आग फ्यूल टैंक में लगी थी, लेकिन उस पर तुरंत काबू पा लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना सुरक्षा का एहतियात उपाय था, ताकि यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच यह गड़बड़ी सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम्स ईरान से दागे गए ड्रोन और मिसाइलों को रोक रहे हैं, जो क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का हिस्सा हैं।
इसी से जुडी एक घटना में, सऊदी अरब ने बताया कि उसके एयर डिफेंस फोर्सेस ने आधी रात से देश के पूर्वी हिस्से में 60 से अधिक ड्रोन को रोका है, जो खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को उजागर करता है।