Fact Check: तमिलनाडु में 6.5 लाख प्रवासी वोटर जोड़ने का दावा खारिज, चुनाव आयोग ने चिदंबरम के बयान को बताया 'बेतुका'

Fact Check: चुनाव आयोग (ECI) ने कहा है कि बिहार में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को तमिलनाडु से जोड़ना बेतुका है, क्योंकि वहां वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन अभी तक शुरू नहीं किया गया है। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम ने दावा किया था कि तमिलनाडु में 6.5 लाख प्रवासी मजदूरों को मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड किया जा रहा है

अपडेटेड Aug 03, 2025 पर 10:29 PM
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Fact Check: तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों को वोटर के रूप में जोड़ने का आरोप लगाया गया था

Fact Check: चुनाव आयोग ने तमिलनाडु में 6.5 लाख मतदाताओं के नाम जोड़ने के कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के दावे को रविवार (3 अगस्त) को गलत करार देते हुए खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि बिहार में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को तमिलनाडु से जोड़ना बेतुका है, क्योंकि वहां वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन अभी तक शुरू नहीं किया गया है। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया था कि तमिलनाडु में 6.5 लाख प्रवासी मजदूरों को वोटर के रूप में रजिस्टर्ड किया जा रहा है।

चुनाव आयोग (ECI) ने उनके दावे को 'भ्रामक' और 'बेतुका' करार दिया है। चिदंबरम ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "एक ओर बिहार में 65 लाख मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है, तो दूसरी तरफ तमिलनाडु में 6.5 लाख लोगों को मतदाता के रूप में 'जोड़ने' की खबरें चिंताजनक एवं स्पष्ट रूप से अवैध हैं।"

उन्होंने कहा, "प्रत्येक भारतीय को किसी भी राज्य में रहने और काम करने का अधिकार है, जहां उसका एक स्थायी घर हो। निर्वाचन आयोग इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंचा कि कई लाख लोगों को, जिनके नाम बिहार की वर्तमान वोटर लिस्ट में हैं, बाहर किया जाना चाहिए, क्योंकि वे राज्य से 'स्थायी रूप से पलायन' कर गए थे?"


चिदंबरम ने कहा, "वोटर के रूप में रजिस्टर्ड होने के लिए किसी व्यक्ति के पास एक निश्चित और स्थायी कानूनी घर होना चाहिए। प्रवासी मजदूर का बिहार (या किसी अन्य राज्य) में ऐसा घर है। वह तमिलनाडु में वोटर के रूप में कैसे रजिस्टर्ड हो सकता है?"

उन्होंने कहा, "अगर प्रवासी मजदूर के परिवार का बिहार में एक स्थायी घर है और बिहार में रहता है, तो प्रवासी मजदूर को तमिलनाडु में स्थायी रूप से बसा हुआ कैसे माना जा सकता है? चिदंबरम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है। साथ ही राज्यों के चुनावी चरित्र और स्वरूप को बदलने की कोशिश कर रहा है।"

चुनाव आयोग का जवाब

इसके जवाब में चुनाव आयोग ने X पर एक पोस्ट में कहा कि ऐसे बयान भ्रामक और निराधार हैं। उसने कहा कि आर्टिकल 19(1)(E) के अनुसार, सभी नागरिकों को भारत के क्षेत्र के किसी भी हिस्से में निवास करने और बसने का अधिकार है। चुनाव आयोग ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 19(B) के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति जो किसी निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी है। और उस निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में रजिस्ट्रेशन कराने का हकदार है। आयोग ने कहा कि यह मतदाताओं पर है कि वे आगे आएं और उस निर्वाचन क्षेत्र में रजिस्टर्ड हों जिसके लिए वे पात्र हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया, "इसलिए, मूल रूप से तमिलनाडु से संबंधित, लेकिन सामान्यतः दिल्ली में रहने वाला व्यक्ति, दिल्ली में मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड होने का हकदार हैइसी प्रकार, मूल रूप से बिहार से संबंधित, लेकिन सामान्यतः चेन्नई में रहने वाला व्यक्ति, चेन्नई में वोटर के रूप में रजिस्टर्ड होने का हकदार है।"

उसने कहा कि राजनीतिक नेताओं को चुनाव आयोग की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही SIR प्रक्रिया के संबंध में गलत जानकारी फैलाने की जरूरत नहीं है। आयोग ने कहा, "निर्वाचन आयोग के संज्ञान में आया है कि इस प्रक्रिया में बाधा डालने के उद्देश्य से मीडिया में जानबूझकर ऐसी जानकारी फैलाई जा रही है। जहां तक बिहार से स्थायी रूप से दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो चुके और उन राज्यों में सामान्य रूप से रहने वाले मतदाताओं का सवाल है, तो सटीक आंकड़े SIR प्रोसेस पूरी होने के बाद ही पता चल पाएंगे।"

पीटीआई के मुताबिक, चुनाव आयोग ने कहा कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के साथ संविधान में मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन की परिकल्पना उस निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार की गई है जहां वे सामान्य रूप से निवासी हैं। ECI ने कहा कि वोटर को आगे आकर उस निर्वाचन क्षेत्र में रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए जहां के वे पात्र हैं।

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आयोग ने कहा, "हालांकि, यह देखा गया है कि तमिलनाडु में 6.5 लाख वोटर के रजिस्ट्रेशन के बारे में कुछ झूठे आंकड़े फैलाए जा रहे हैं। तमिलनाडु में SIR अभी तक शुरू नहीं की गई है। इसलिए बिहार में एसआईआर प्रक्रिया को तमिलनाडु से जोड़ना बेतुका है।"

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