Farooq Abdullah Firing: जम्मू में बुधवार (11 मार्च) रात एक शादी समारोह में बंदूकधारी के हमले में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी बाल-बाल बच गए। एक अधिकारियों ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब अब्दुल्ला, डिप्टी सीएम चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी शहर के बाहरी इलाके में स्थित ग्रेटर कैलाश क्षेत्र के समारोह स्थल से निकल रहे थे।
आरोपी की पहचान कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है। वह पुरानी मंडी का निवासी है। वह पिस्तौल लेकर अब्दुल्ला के पीछे पहुंचा और गोली चला दी। इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस की सिक्योरिटी ब्रांच के दो अधिकारियों (एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर) ने उसे काबू कर लिया। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने इस घटना को सुरक्षा में चूक बताया। जबकि पुलिस ने कहा कि विस्तृत जांच जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि जामवाल की उम्र 70 वर्ष से अधिक है। हमले के वक्त वह नशे की हालत में था। उन्होंने बताया कि सतर्क कर्मियों द्वारा उसका हथियार छीने जाने और जमीन पर गिराए जाने से पहले उसने एक गोली चलाई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ। हमले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "अल्लाह मेहरबान है। मेरे पिता बाल-बाल बच गए।"
उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि फिलहाल डिटेल्स अस्पष्ट हैं। लेकिन जो ज्ञात है वह यह है कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ बिल्कुल करीब आकर गोली चलाने में कामयाब हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा, "अंदरुनी घेरे के सुरक्षा दस्ते ने हमले के प्रयास को नाकाम कर दिया। इस समय जवाबों से ज्यादा सवाल हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि ज़ेड प्लस कैटेगरी के साथ NSG सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति कैसे पहुंच गया।"
अधिकारियों के अनुसार, फारुक अब्दुल्ला और चौधरी पार्टी नेता बी.एस. चौहान को उनके बेटे की शादी पर बधाई देने आए थे। वे कार्यक्रम स्थल पर एक घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे। सिटी साउथ के पुलिस अधीक्षक (SP) अजय शर्मा ने X पर एक पोस्ट में कहा, "जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला की मौजूदगी में एक शादी समारोह में लाइसेंसी हथियार से गोलीबारी की घटना हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। विस्तृत जांच जारी है। इसमें आतंकी पहलू का कोई संदेह नहीं है।"
उपमुख्यमंत्री ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकारों से कहा कि आपको सुरक्षाकर्मियों और पुलिस से पूछना चाहिए कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। उन्होंने कहा, "यह सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है। जब पूर्व मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के सलाहकार किसी समारोह में मौजूद हों, और कोई व्यक्ति हथियार लेकर अंदर घुस सकता है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही होगी।"