बिना रजिस्ट्रेशन ड्रोन उड़ाना अब बेहद महंगा पड़ सकता है। विमानन मंत्रालय ने Civil Drone (Promotion and Regulation) Bill 2025 का ड्राफ्ट जारी किया है जिसमें पहली बार ड्रोन के इस्तेमाल के लिए जेल और जुर्माने जैसी सजा का प्रावधान किया गया है। नये नियमों के मुताबिक ड्रोन नियम तोड़ने पर 1 लाख रुपए जुर्माना या 3 साल की जेल हो सकती है। ड्रोन ऑपरेटर के लिए थर्ड-पार्टी बीमा जरूरी होगा। ड्रोन दुर्घटना में मौत होने पर 2.5 लाख रुपए के हर्जाने की सिफारिश की गई है। वहीं, गंभीर चोट लगने पर 1 लाख रुपए के मुआवजे का प्रावधान है।
UIN (यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) के बिना ड्रोन बेच नहीं पाएंगे। UIN के बिना ड्रोन ट्रांसफर भी मुश्किल है। पुलिस सिर्फ संदेह होने पर भी ड्रोन जब्त कर सकती है।
मंगलवार को जारी किया गया ड्राफ्ट बिल मौजूदा 'ड्रोन नियम 2021' और उसके बाद के संशोधनों को निरस्त कर देगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इस ड्राफ्ट बिल पर स्टेक होल्डरों से 30 सितंबर, 2025 तक उनकी राय मांगी हैं।
DGCA को नियामक के रूप में रखा गया बरकरार
ड्राफ्ट बिल में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को रेग्यूलेटर के रूप में बरकरार रखा गया है। ड्राफ्ट में यह अनिवार्य किया गया है कि DGCA द्वारा रजिस्ट्रंशन और यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) जारी किए बिना किसी भी ड्रोन को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी प्रकार,ड्रोन निर्माताओं को भारत में अपने ड्रोन बेचने या इस्तेमाल करने से पहले DGCA से एक प्रकार का सर्टिफिकेट हासिल करना आवश्यक होगा।
इसके अलावा, ड्राफ्ट बिल में ड्रोन में सेफ्टीऔर सिक्योरिटी फीचर्स को अनिवार्य रूप से शामिल करने का प्रस्ताव है, जिसे सरकार द्वारा समय-समय पर नोटीफाइ किया जाएगा। इन फीचर्स का लक्ष्य उड़ान योग्यता सुनिश्चित करना, छेड़छाड़ को रोकना और ड्रोन संचालन का पता लगाना है।