शुभेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट बैठक में लिए ताबड़तोड़ फैसले, बॉर्डर पर BSF को जमीन के अलावा बाकी के 5 भी जानिए

Suvendu Adhikari: बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नबन्ना भवन की 14वीं मंजिल पर अपनी पहली कैबिनेट बैठक में भाग लेते हुए "सभी के लिए काम करने" का वादा किया। उन्होंने अपनी सरकार के छह जरूरी निर्णयों की घोषणा की।

अपडेटेड May 11, 2026 पर 2:45 PM
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शुभेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट बैठक में लिए ताबड़तोड़ फैसले

Suvendu Adhikari: बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नबन्ना भवन की 14वीं मंजिल पर अपनी पहली कैबिनेट बैठक में भाग लेते हुए "सभी के लिए काम करने" का वादा किया। उन्होंने अपनी सरकार के छह जरूरी निर्णयों की घोषणा की। राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा, "बंगाल में पहली बार बिना किसी जानमाल के संकटमुक्त और भयमुक्त चुनाव हुए। हम जनता और चुनाव आयोग (EC) के आभारी हैं। साथ ही, हम कार्यकर्ताओं, CAPF, पर्यवेक्षकों, पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस को धन्यवाद देते हैं।"

उन्होंने कहा, “हम सबके लिए काम करेंगे…लोगों ने अपनी जान कुर्बान की है, हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे…हम उन्हें न्याय दिलाएंगे और उनकी जिम्मेदारी निभाएंगे।”

प्रमुख फैसले


सीमा सुरक्षा: शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश के साथ सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने की औपचारिक मंजूरी दी। उन्होंने कहा, “45 दिनों के अंदर हम BSF को जमीन सौंप देंगे। कैबिनेट में यह फैसला पारित हो चुका है।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य सचिव और भूमि एवं राजस्व विभाग के सचिव को इस जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इस कदम का उद्देश्य सीमा पर मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर करना, अवैध घुसपैठ पर अंकुश लगाना और सीमा पार तस्करी को रोकना है।

जनगणना: अधिकारी ने कहा, “आज हमने एक प्रशासनिक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि जनगणना का कार्य आज से शुरू होगा। 11 महीने की देरी के बाद आखिरकार यह पहल लागू की जा रही है… पिछली सरकार, जिसे जनता ने पूरी तरह से नकार दिया था, ने केवल तुष्टिकरण की राजनीति, संस्थागत भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार और शासन व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया। यहां तक कि उन्होंने देश के संविधान को भी चुनौती दी थी। 16 जून, 2025 को गृह मंत्रालय और भारत के रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था। उस तारीख को अब लगभग एक साल बीत चुका है। इन लोगों ने जानबूझकर जनगणना प्रक्रिया को रोका था। जनगणना को रोकने का उनका एकमात्र उद्देश्य प्रधानमंत्री द्वारा परिसीमन और महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने के प्रयासों में बाधा डालना था। हम इस मामले की गहन जांच के लिए एक तथ्य-जांच समिति का गठन करेंगे।”

उन्होने आगे बताया, “कैबिनेट ने ‘आयुष्मान भारत’ योजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सरकार के स्वास्थ्य विभाग के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं आज से आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएंगी।”

ऑफिसर ट्रेनिंग: उन्होंने IAS, IPS और WBPS अधिकारियों को ट्रेनिंग के लिए अन्य राज्यों में भेजे जाने की अनुमति देने वाली पिछली नीति को पलट दिया।

रोजगार भर्ती: पिछले वर्षों में भर्ती के अवसर से वंचित रहे उम्मीदवारों के लिए आयु में 5 वर्ष की छूट की घोषणा की गई।

भारतीय न्याय संहिता (BNS): राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने BNS को लागू नहीं किया था। इसे आज से अपनाया जा रहा है।

आयुष्मान भारत: मुख्यमंत्री ने राज्य को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाने का भी वादा किया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “प्रधानमंत्री जनो आरोग्य योजना और सभी प्रधानमंत्री योजनाएं यहां तुरंत शुरू की जाएंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार एक जिम्मेदार, पारदर्शी और जनहितैषी प्रशासन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की पहली प्राथमिकता राज्य के लोगों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करना है।”

बैठक में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशित प्रमाणिक उपस्थित थे, जिन्होंने शनिवार को अधिकारी के साथ मंत्री पद की शपथ ली थी। उनके विभागों का आवंटन अभी तक नहीं हुआ है। कई विभागीय सचिव और अधिकारी भी उपस्थित थे। शाम 4 बजे मुख्यमंत्री नबन्ना में विजयी भाजपा उम्मीदवारों से मुलाकात करेंगे।

अधिकारी ने कहा, “आज राज्य के प्रशासनिक भवन नबन्ना में मैंने मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला (IAS), गृह सचिव संघमित्रा घोष (IAS), राज्य के डीजीपी सिद्धिनाथ गुप्ता (IPS) और कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद (IPS) के साथ राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की।”

बैठक में पश्चिम बंगाल के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, सुशासन और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

शुभेंदु अधिकारी को मिला गार्ड ऑफ ऑनर 

सीएम शुभेंदु अधिकारी को नबन्ना में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। नबन्ना में मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला और राज्य के डीजीपी सिद्धिनाथ गुप्ता ने नए मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद और अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।

बता दें कि भाजपा ने 2026 के विधानसभा चुनावों में 294 में से 207 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है, जिससे ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत हो गया।

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