Galgotias Robodog Row: 'ऐसी चीजें नहीं दिखानी चाहिए जो उनकी नहीं हैं'; गलगोटिया रोबोडॉग विवाद के बाद सरकार की चेतावनी

Galgotias Robodog Row: विपक्षी नेताओं ने 'AI इंपैक्ट समिट' में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की तरफ से चीनी रोबोट को अपना बताने को शर्मनाक करार दिया है। इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी प्रदर्शक ऐसी वस्तु दिखाए जो उसकी खुद की बनाई न हो

अपडेटेड Feb 19, 2026 पर 8:17 AM
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Galgotias Robodog Row: गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबोडॉग विवाद की वजह से एआई समिट काफी चर्चा में आ गया है

Galgotias Robodog Row: नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा एक चीनी रोबोडॉग को अपना बताकर बड़ा विवाद खड़ा करने के बाद केंद्र सरकार ने सभी एग्जिबिटर्स को कड़ी चेतावनी दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने कहा है कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी एग्जिबिटर ऐसी चीजें दिखाए जो उनकी अपनी नहीं हैं। उन्होंने कहा, "कोई भी एग्जिबिटर ऐसी वस्तु दिखाए जो उसकी खुद की बनाई न हो।" कृष्णन ने कहा कि हम इस तरह के उत्पादों का प्रदर्शन जारी नहीं रखना चाहते।

ऑर्गनाइजर्स द्वारा गलगोटिया यूनिवर्सिटी से अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहने के बाद उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि ऐसी एग्जिबिट्स जारी रहें।" इससे पहले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबोडॉग विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी ने कुछ गलत किया है, तुरंत कार्रवाई की गई है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "एआई समिट में बहुत अच्छे-अच्छे सॉल्यूशन्स आए हैं। अगर यहां पर किसी ने गलत किया है, तो तुरंत उस पर एक्शन भी लिया गया है। जो बाकी दूसरे अच्छे सॉल्यूशन्स हैं, उनको भी देखना चाहिए।" चीनी रोबोट डॉग को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही गलगोटिया यूनिवर्सिटी को 'इंडिया एआई इंपैक्ट समिट' से बाहर निकाल दिया गया है।


ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में इस रोबोटिक डॉग को अपने स्तर पर विकसित उत्पाद बताया था। जबकि वह असल में चीन की कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का उत्पाद निकला। विवाद बढ़ने पर सम्मेलन के आयोजकों ने बुधवार को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। साथ ही उसे आयोजन स्थल खाली करने को कह दिया।

विपक्ष ने की आलोचना

विपक्षी नेताओं ने चीनी रोबोट को अपना बताकर प्रदर्शित किए जाने को बुधवार को शर्मनाक करार दिया। उन्होंने गलगोटिया यूनिवर्सिटी और BJP नेताओं के बीच के कथित संबंधों पर भी सवाल उठाए। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पर भी निशाना साधा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने X पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया को प्रमुख BJP नेताओं का संरक्षण और समर्थन प्राप्त है।

ब्रिटास ने कहा, "डॉ. संबित पात्रा से लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल तक, प्रमुख BJP नेताओं ने विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की है। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि यह संस्थान अक्सर विकसित भारत के नारे पर जोर देता है।"

उन्होंने कहा, "यह करीबी संबंध तब स्पष्ट हुआ जब विश्वविद्यालय ने एआई समिट में एक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध चीनी रोबोटिक डॉग को अपने इनोवेशन के रूप में 'ओरियन' नाम देकर प्रदर्शित किया, जिसे खुद आईटी मंत्री ने ट्वीट कर प्रचारित किया। कार्यक्रम से बाहर किए जाने के बावजूद, गलगोटिया विश्वविद्यालय BJP के प्रभाव क्षेत्र में बनी रहेगी।"

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शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश और इस शिखर सम्मेलन की साख को भारी नुकसान हुआ है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने इस मुद्दे पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पर सवाल खड़े किए और पूछा कि क्या उन्हें इसकी जानकारी थी।

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