मेड-इन-चाइना 'रोबोटिक डॉग' को गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने बताया था अपना इनोवेशन! सोशल मीडिया पर जगहंसाई के बाद हो गया बड़ा एक्शन

Galgotias Robodog Controversy: विवाद तब शुरू हुआ जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक AI बेस्ड आधुनिक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया गया। आरोप लगे कि चीन की कंपनी 'Unitree' द्वारा बनाए गए 'Unitree Go2' रोबोटिक कुत्ते को 'Orion' नाम देकर पेश किया गया

अपडेटेड Feb 18, 2026 पर 11:42 AM
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सूत्रों के मुताबिक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट के एक्सपो वेन्यू को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है

Galgotias University Controversy: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' की एक वीडियो बीते दिन से सोशल मीडिया पर छाई हुई है। वीडियो में एक रिपोर्टर एक्सपो वेन्यू में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक 'रोबोटिक डॉग' के कारनामे दिखाता नजर आ रहा है। उस वीडियो पर बड़ा विवाद खड़ा होने के बाद अब यूनिवर्सिटी पर एक्शन की बात सामने आ रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट के एक्सपो वेन्यू को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है। यह सख्त कार्रवाई यूनिवर्सिटी द्वारा एक चीनी रोबोटिक डॉग को लेकर उपजे विवाद के बाद की गई है।

क्या है पूरा विवाद?

विवाद तब शुरू हुआ जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक AI बेस्ड आधुनिक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया गया। आरोप लगे कि चीन की कंपनी 'Unitree' द्वारा बनाए गए 'Unitree Go2' रोबोटिक कुत्ते को 'Orion' नाम देकर पेश किया गया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी विदेशी तकनीक को भारत में विकसित तकनीक के रूप में दिखा रही है, जो कि सरासर गलत है।


यूनिवर्सिटी की सफाई- 'हमने बनाने का दावा नहीं किया'

विवाद बढ़ता देख यूनिवर्सिटी ने सफाई जारी करते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि यह रोबोटिक डॉग उन्होंने बनाया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, यह रोबोट चीन की कंपनी से शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए खरीदा गया था। इसका इस्तेमाल छात्रों को तकनीक सिखाने के लिए एक 'लर्निंग टूल' के रूप में किया जा रहा था। यूनिवर्सिटी का मकसद छात्रों को वैश्विक तकनीक से रूबरू कराना है ताकि भविष्य में वे खुद भारत में ऐसी चीजें बना सकें।

सरकार की सख्त कार्रवाई

यूनिवर्सिटी की सफाई के बावजूद सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सूत्रों का कहना है कि समिट की गरिमा और 'मेक इन इंडिया' की भावना को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी को अपना स्टॉल हटाने और वेन्यू छोड़ने के लिए कह दिया गया है। इस घटना के बाद समिट में प्रदर्शित होने वाली अन्य तकनीकों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

भारत मंडपम में चल रहे इस बड़े आयोजन में दुनिया भर के नीति निर्माता और दिग्गज टेक लीडर्स शामिल हैं। ऐसे में किसी विदेशी तकनीक को गलत तरीके से पेश करने के आरोपों ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी थी।

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