हवाई सफर पर 'मिडिल ईस्ट युद्ध' की मार, एक महीने में दोगुनी हुई जेट फ्यूल की कीमत; एयरलाइंस ने सरकार से की राहत की मांग

Jet Fuel Price Surge: 20 फरवरी को समाप्त हुए हफ्ते में जेट फ्यूल $95.9 प्रति बैरल था, जो 20 मार्च तक बढ़कर $197 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। एक महीने के भीतर ईंधन के दाम दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं, जिससे एयरलाइंस का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है

अपडेटेड Mar 25, 2026 पर 4:11 PM
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एयरलाइंस कंपनियों ने अब भारत सरकार का दरवाजा खटखटाया है और एयरपोर्ट चार्जेस में कटौती की मांग की है

Airlines Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का सीधा असर अब आपकी जेब और हवाई यात्रा पर पड़ने वाला है। पिछले एक महीने में वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतों में 105% का जोरदार उछाल आया है। इस भारी बोझ से दबी एयरलाइंस कंपनियों ने अब भारत सरकार का दरवाजा खटखटाया है और एयरपोर्ट चार्जेस में कटौती की मांग की है। इससे ये अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में हवाई किराए में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

आसमान छू रही ईंधन की कीमतें

आंकड़े बताते हैं कि जेट फ्यूल की कीमतों में महज चार हफ्तों के भीतर रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है। 20 फरवरी को समाप्त हुए हफ्ते में जेट फ्यूल $95.9 प्रति बैरल था, जो 20 मार्च तक बढ़कर $197 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। एक महीने के भीतर ईंधन के दाम दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं, जिससे एयरलाइंस का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत की सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अप्रैल के महीने में ATF की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर सकती हैं, जिसका सीधा असर टिकट के दामों पर पड़ेगा।


क्या है एयरलाइंस की मांग?

एयरलाइंस ने ईंधन की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। विमानन कंपनियों ने भारतीय हवाई अड्डों पर लैंडिंग और पार्किंग चार्ज को कम करने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, एयरलाइंस ने टैक्स के मोर्चे पर भी राहत देने का अनुरोध किया है ताकि बढ़े हुए खर्च की भरपाई की जा सके। वैसे भारत के प्रमुख हवाई अड्डे निजी कंपनियों द्वारा संचालित हैं, ऐसे में यह संभावना कम है कि वे ऐसी छूट के पक्ष में हामी भरेंगे।

महंगा तेल और लंबा रास्ता, एयरलाइंस पर दोहरी मार

किसी भी एयरलाइन के कुल ऑपरेटिंग खर्च का करीब 40% हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है। तेल महंगा होने से उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ता है। एयरलाइंस कंपनियां इस वक्त दो तरफा चुनौतियों से जूझ रही हैं। मिडिल ईस्ट में एयरस्पेस बंद होने के कारण विमानों को लंबे रास्तों से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे न केवल ईंधन ज्यादा जल रहा है, बल्कि क्रू की लागत भी बढ़ गई है।

महंगा हो सकता है हवाई सफर

आने वाले दिनों में गर्मियों की छुट्टियों के दौरान सफर करना महंगा हो सकता है। इंडिगो जैसी कंपनियों ने पहले ही 'फ्यूल चार्ज' के जरिए बढ़ी कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डालना शुरू कर दिया है। जानकारों का मानना है कि अगर हवाई टिकट और महंगे हुए, तो यात्री हवाई सफर से दूरी बना सकते हैं, जिससे एयरलाइंस की कमाई और कम हो जाएगी।

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