Get App

Gujarat SIR: गुजरात में करीब 74 लाख वोटर्स के नाम हटे, SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होते ही दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस दौरान वे योग्य मतदाता, जिनके नाम गलती से हट गए हों या गलत दर्ज हो गए हों, नाम जोड़ने या जानकारी सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 19, 2025 पर 8:29 PM
Gujarat SIR: गुजरात में करीब 74 लाख वोटर्स के नाम हटे, SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी
गुजरात की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 97 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुजरात की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 97 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैंजारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से 51 लाख से ज्यादा नाम ऐसे थे, जिन्हें शिफ्ट हो चुके या मौजूद नहीं पाया गया। यह बड़े स्तर पर वोटर लिस्ट का रिवीजन 4 नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के बीच किया गया। इस दौरान घर-घर जाकर जांच की गई। यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत आने वाले चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को सही और अपडेट किया जा रहा है।

गुजरात की ड्राफ्ट SIR लिस्ट

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए मतदाताओं में से 51.86 लाख लोगों को शिफ्ट हो चुके या मौजूद नहीं पाया गया। इसके अलावा 18.07 लाख नाम मृत मतदाताओं के और 3.81 लाख नाम ऐसे लोगों के थे, जो एक से ज्यादा जगहों पर रजिस्टर्ड थे। इस प्रक्रिया के दौरान 4.34 करोड़ मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए गए, जो राज्य के कुल 5.08 करोड़ मतदाताओं का 85 प्रतिशत से ज्यादा है। यह रिवीजन प्रक्रिया गुजरात के सभी 33 जिलों में की गई। इसमें बूथ लेवल अधिकारी बार-बार घर-घर जाकर वोटर की जानकारी जांचते रहे। जिन मामलों में मतदाता राज्य से बाहर चले गए, पता नहीं चले, समय पर फॉर्म जमा नहीं कर पाए या रजिस्ट्रेशन नहीं कराना चाहते थे, उनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में उसी के अनुसार दर्ज किए गए।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद क्या होता है?

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होते ही दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस दौरान वे योग्य मतदाता, जिनके नाम गलती से हट गए हों या गलत दर्ज हो गए हों, नाम जोड़ने या जानकारी सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिन मतदाताओं को गैर-मौजूद, शिफ्ट हो चुके, मृत या डुप्लीकेट के रूप में चिन्हित किया गया है, उनकी लिस्ट बूथ लेवल पर और आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक जांच के लिए उपलब्ध करा दी गई है।

दावे और आपत्तियों की अवधि 18 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि बिना सही प्रक्रिया के किसी का नाम फाइनल वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा, और असली मतदाताओं को फाइनल लिस्ट जारी होने से पहले अपना नाम दोबारा शामिल कराने का पूरा मौका मिलेगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें