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'अब अगर भगवान भी बुला लें...' ₹20 की रिश्वत के आरोप में 30 साल काटी जेल, निर्दोष साबित होने के अगले ही दिन हो गई मौत!

यह कहानी कुछ हद तक हॉलीवुड फिल्म “द शॉशैंक रिडेम्पशन” जैसी है, उसमें भी एक निर्दोष आदमी सालों तक जेल में रहता है। गुजरात हाईकोर्ट ने 4 फरवरी को अपने फैसले में कहा कि वह निर्दोष है। उनके चाहने वालों ने कहा कि काश वह थोड़ा और जी पाते, ताकि इस जीत को जी भरकर देख पाते

Shubham Sharmaअपडेटेड Feb 07, 2026 पर 7:17 PM
'अब अगर भगवान भी बुला लें...' ₹20 की रिश्वत के आरोप में 30 साल काटी जेल, निर्दोष साबित होने के अगले ही दिन हो गई मौत!
₹20 की रिश्वत के आरोप में 30 साल काटी जेल, निर्दोष साबित होने के अगले ही दिन हो गई मौत!

यह कहानी किसी फिल्म जैसी लगती है, लेकिन यह हकीकत है। फर्क सिर्फ इतना है कि इसका अंत और अच्छा हो सकता था, अगर वह आदमी थोड़ा और जी पाता। गुजरात में एक व्यक्ति ने सिर्फ 20 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में 30 साल जेल और अदालतों के चक्कर काटे। अब, इतने सालों बाद, अदालत ने उसे बेगुनाह घोषित कर दिया। यह कहानी कुछ हद तक हॉलीवुड फिल्म “द शॉशैंक रिडेम्पशन” जैसी है, जिसमें भी एक निर्दोष आदमी सालों तक जेल में रहता है।

गुजरात हाईकोर्ट ने 4 फरवरी को अपने फैसले में कहा कि वह निर्दोष है। फैसला आने के बाद उस व्यक्ति ने कहा, “मेरे जीवन से कलंक मिट गया है। अब अगर भगवान भी मुझे बुला लें, तो मुझे कोई दुख नहीं होगा।”

क्या हुआ था?

साल 1996 में, पुलिस कांस्टेबल बाबुभाई प्रजापति अहमदाबाद में तैनात थे। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने 20 रुपए की रिश्वत ली है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया।

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