Piyush Goyal Statement: ‘जीरो टैरिफ होता, तो अमेरिका भारत से मैच जीत जाता, पीयूष गोयल ने हंसते हुए कह दी मन की बात

Piyush Goyal Statement: कंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के आवास पर आयोजित एक स्वागत समारोह में हल्के-फुल्के अंदाज में बात की। उन्होंने मजाक में कहा कि अगर अमेरिका ने टैरिफ शून्य कर दिए होते, तो शायद अमेरिकी टीम टी20 वर्ल्ड कप में भारत को हरा देती।

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 9:12 AM
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‘जीरो टैरिफ होता, तो अमेरिका भारत से मैच जीत जाता, पीयूष गोयल ने हंसते हुए कह दी मन की बात

Piyush Goyal Statement: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के आवास पर आयोजित एक स्वागत समारोह में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर वाशिंगटन ने भारत पर कोई पारस्परिक शुल्क न लगाने पर सहमति जताई होती, तो शायद अमेरिकी क्रिकेट टीम हाल ही में हुए टी20 विश्व कप मुकाबले में भारत को हरा देती।

भारत-अमेरिका मैच का जिक्र करते हुए गोयल ने खेल में सीमित अनुभव होने के बावजूद अमेरिकी टीम के प्रदर्शन की प्रशंसा की।

गोयल ने कहा, “अमेरिका भले ही मैच न जीत पाया हो, लेकिन क्रिकेट में हाल ही में रुचि रखने वाले देश के लिए उनका प्रदर्शन शानदार था,” उन्होंने कहा और बताया कि राजदूत गोर भी मैच देखने के लिए मौजूद थे।


शाम की एक मजेदार घटना शेयर करते हुए गोयल ने बताया कि गोर ने कहा था कि अमेरिका 18 प्रतिशत के अंतर से मैच हार गया। मंत्री ने कहा, “मैंने उनसे विनम्रतापूर्वक निवेदन किया कि अगर आपने पारस्परिक शुल्क शून्य कर दिया होता, तो शायद आप मैच जीत जाते।” यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

बता दें कि भारत ने कड़े संघर्ष के बाद जीत हासिल की और 162 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे अमेरिकी टीम को 132 रन पर पर ही रोक दिया। जिस वजह से भारत 29 रनों से मैच जीत गया, जो कि आवश्यक कुल स्कोर का लगभग 18 प्रतिशत है।

मजाक-मस्ती के अलावा, गोयल ने इस अवसर पर भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में राजदूत सर्जियो गोर की भूमिका को भी सराहा। उन्होंने दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में राजदूत की व्यक्तिगत भागीदारी और नेतृत्व को श्रेय दिया।

गोयल ने कहा, "उनके समर्थन और सहयोग के बिना यह व्यापार समझौता संभव नहीं होता। इस बंधन को और मजबूत करने के लिए आपने जो कुछ भी किया है, उसके लिए धन्यवाद।"

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

महीनों की बातचीत के बाद, दोनों पक्षों ने हाल ही में व्यापार समझौते के ढांचे की घोषणा की, जिसमें अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इससे भारत चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में आ गया है।

अगस्त 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल और रक्षा उपकरण खरीदने से जुड़े कारणों को लेकर अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क भी लगाया गया था।

संशोधित समझौते के तहत कुल टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, और अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि रूसी ऊर्जा आयात पर लगने वाला जुर्माना भी हटा दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि "अब 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट पर 18 प्रतिशत का कम शुल्क लगेगा।" उन्होंने इसे भारतीय निर्यातकों और द्विपक्षीय व्यापार के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया।

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