तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा जा रहा है। सुपरस्टार थलपति विजय की पार्टी तमिलागा वेत्रि कझगम (TVK) आज हो रही मतगणना में जबरदस्त बढ़त बनाए हुए है। रुझानों को देखकर साफ लग रहा है कि विजय अपनी पहली ही सियासी पारी में तमिलनाडु के 'किंग' बनकर उभरने वाले हैं। लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के बीच, सोशल मीडिया पर एक बार फिर विजय और उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम के पुराने रिश्तों की चर्चा शुरू हो गई है।
क्या आपको पता है कि साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय और उनकी पत्नी संगीता सोरनलिंगम की लव स्टोरी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है? ब्रिटेन की रहने वाली संगीता विजय की कट्टर प्रशंसक थीं। 1990 के दशक में विजय की फिल्म 'पूवे उन्नाकागा' सुपरहिट हुई तो संगीता ने हौसला जुटाकर चेन्नई आकर उनसे मिलने का फैसला किया। विजय ने उनकी दीवानगी देखी तो घर पर डिनर के लिए आमंत्रित किया। उसी डिनर पर विजय ने संगीता को शादी का प्रपोजल दे दिया। ये पल उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना।
शादी के लिए विजय के माता-पिता एस.ए. चंद्रशेखर और शोभा लंदन गए। संगीता के श्रीलंकाई तमिल परिवार से बातचीत सफल रही। 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई, भले विजय ईसाई धर्म से थे। भव्य रिसेप्शन में साउथ इंडस्ट्री के तमाम सितारे पहुंचे। संगीता ने कभी लाइमलाइट नहीं चाही। वे विजय के साए में खुश रहीं और बच्चों की परवरिश की। बेटा जेसन संजय (2000) ने 'बेथा' में और बेटी दिव्या साशा (2005) ने 'थेरी' में छोटे रोल निभाएं हैं। चाहे फिल्में हों या राजनीति संगीता ने हमेशा पति के फैसलों का साथ दिया।
लेकिन कुछ समय पहले थलपति विजय की निजी जिंदगी को लेकर काफी चर्चा हुई थी। उस दौरान यह खबरें उड़ी थीं कि संगीता और विजय के बीच सब कुछ ठीक नहीं है और वे तलाक लेने वाले हैं। रिपोर्ट्स में यहां तक दावा किया गया था कि संगीता ने 'बेवफाई' के आरोपों के साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन अफवाहों को तब और बल मिला था जब संगीता ने विजय की फिल्मों के इवेंट्स और पारिवारिक फंक्शन्स में आना बंद कर दिया था।
हालांकि, विजय के करीबियों ने हमेशा इसे विरोधियों की साजिश और महज अफवाह ही करार दिया। आज जब विजय चुनावी मैदान में बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं, तो उनके समर्थकों का कहना है कि यह सारी खबरें सिर्फ उनकी छवि खराब करने के लिए फैलाई गई थीं।
आज 4 मई 2026 के जो चुनावी नतीजे सामने आ रहे हैं, उनमें विजय की पार्टी 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है। चेन्नई से लेकर मदुरै तक, हर तरफ विजय के नाम की धूम है। विजय ने साबित कर दिया है कि भले ही उनकी निजी जिंदगी को लेकर कितने ही विवाद क्यों न उछाले गए हों, लेकिन जनता का भरोसा आज भी उन पर कायम है।
आज जब विजय 2026 के चुनावी मैदान में एक 'जन नायक' बनकर उभरे हैं और उनकी पार्टी बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच रही है, तो उनके विरोधी और समर्थक दोनों ही उनकी निजी जिंदगी के इन पुराने पन्नों को पलट रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने अपनी मेहनत से इन विवादों को पीछे छोड़ दिया है और जनता ने उनके काम पर अपनी मुहर लगा दी है।
थलपति विजय के लिए आज का दिन उनकी मेहनत और उनके विजन की जीत है। तलाक के पुराने विवादों को पीछे छोड़कर अब वे तमिलनाडु की सेवा करने के लिए तैयार दिख रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता की कुर्सी संभालेंगे या गठबंधन की सरकार बनाएंगे।