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विजय नहीं बना पाएंगे सरकार तो क्या तमिलनाडु में फिर से होंगे चुनाव? स्टालिन और AIADMK के बीच का नया खेल भी जान लीजिए

Tamil Nadu Political Crisis: विजय के लिए असली चुनौती सिर्फ सीटें जीतना नहीं, बल्कि सरकार को स्थिरता देना है। वहीं, स्थापित पार्टियों (DMK-AIADMK) के लिए यह अपने वजूद को बचाने की लड़ाई बन गई है। लेकिन बहुमत के आंकड़ों और संवैधानिक नियमों ने इस मुकाबले को और भी पेचीदा बना दिया है

Shubham Sharmaअपडेटेड May 08, 2026 पर 12:47 PM
विजय नहीं बना पाएंगे सरकार तो क्या तमिलनाडु में फिर से होंगे चुनाव? स्टालिन और AIADMK के बीच का नया खेल भी जान लीजिए
विजय नहीं बना पाएंगे सरकार तो क्या तमिलनाडु में फिर से होंगे चुनाव? स्टालिन और AIADMK के बीच का नया खेल भी जान लीजिए

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने पहली ही बार में चुनावी बिसात बिछा दी है। लेकिन बहुमत के आंकड़ों और संवैधानिक नियमों ने इस मुकाबले को और भी पेचीदा बना दिया है। इस वक्त तमिलनाडु की राजनीति में क्या कुछ चल रहा है, आइए आपको बताते हैं।

विजय का 'मैजिक नंबर' से फासला: क्या है चुनौती?

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 118 है। हालांकि विजय की पार्टी TVK सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन वह बहुमत से करीब 5-6 सीटें पीछे रह सकती है।

यह स्थिति विजय के लिए एक बड़ी परीक्षा है। क्या वे अन्य छोटी पार्टियों या निर्दलीयों को अपने पाले में ला पाएंगे? उनकी राजनीति का मुख्य आधार 'द्रविड़ राजनीति का विकल्प' बनना है, ऐसे में किसी बड़ी पार्टी से हाथ मिलाना उनके समर्थकों के बीच गलत संदेश दे सकता है।

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