IMD Heat Wave Alert: 23 मई तक इन राज्यों में बहेगी प्रचंड लू, मौसम विभाग ने यूपी से लेकर MP और राजस्थान तक ये 7 एडवाइजरी जारी कीं
IMD Heatwave Alert: इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत में गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। 19 मई से 23 मई के बीच उत्तर प्रदेश में भीषण 'लू' चलने की आशंका है। इस दौरान, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश भी इसकी चपेट में रहेंगे
IMD Heatwave Alert: उत्तर प्रदेश में 19 से 23 मई के बीच भीषण लू का असर देखने को मिलेगा
IMD Heatwave Alert: मौसम विभाग (IMD) के ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले एक हफ्ते तक राहत के कोई संकेत नहीं हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में 19 से 23 मई के बीच भीषण लू का असर देखने को मिलेगा। वहीं, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश भी इसकी चपेट में रहेंगे।
इन राज्यों में लू का तांडव (17-23 मई)
उत्तर प्रदेश: 17 से 23 मई तक यूपी में भीषण लू चलने की आशंका है। जबकि 19 तारीख से स्थिति और भयावह हो जाने की आशंका है।
राजस्थान: 17 से 23 मई तक लू का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी राजस्थान में 17-18 मई को गर्म रातें भी परेशान करेंगी।
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली: 18 से 23 मई तक प्रचंड लू चलने की आशंका।
MP, विदर्भ और तेलंगाना: 17 से 21 मई तक गर्मी का सितम जारी रहेगा।
आम जनता के लिए IMD की स्वास्थ्य एडवाइजरी
गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए विभाग ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:-
धूप से बचें: लंबे समय तक धूप में रहने या भारी काम करने से बचें। नहीं तो इससे हीट से जुड़ी परेशानियां और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस (ORS) और घर के बने पेय जैसे लस्सी, चावल का पानी (तोराणी), नींबू पानी और छाछ का अधिक सेवन करें।
नवजात शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की विशेष देखभाल करें।
खेती-किसानी के लिए 7 राज्यों की विशेष एडवाइजरी (Agromet Advisories)
IMD ने किसानों की फसल को सूखने से बचाने के लिए राज्यवार निर्देश जारी किए हैं:-
1. उत्तर प्रदेश: मक्का, मूंग, उड़द, गन्ना, सूरजमुखी और सब्जियों में बार-बार सिंचाई करें। आम, केला और पपीता जैसे फलों के बागों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग (मिट्टी को ढकना) का सहारा लें।
2. राजस्थान: मूंग और गर्मियों की सब्जियों (लौकी, कद्दू, खीरा, भिंडी) में जरूरत के अनुसार पानी दें। आम, आंवला, अनार और बेर के नए पौधों को बचाने के लिए पुआल या पॉलिथीन से मल्चिंग करें ताकि वाष्पीकरण कम हो।
3. मध्य प्रदेश: मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जियों की फसलों में हल्की और नियमित सिंचाई जारी रखें।
4. पंजाब और हरियाणा: सब्जियों, मूंग और प्याज की नर्सरी में बार-बार सिंचाई करें। हरियाणा के किसान गन्ने और कपास में नमी बनाए रखें और धान की नर्सरी की तैयारी सुनिश्चित सिंचाई सुविधाओं के साथ ही करें।
5. महाराष्ट्र (विदर्भ और मराठवाड़ा): मूंगफली, मक्का और फलों के बागों में मल्चिंग करें। विदर्भ के किसान केले के गुच्छों को पत्तों से ढकें और नए बागों में शेड नेट (Shade Net) का उपयोग करें।
6. तेलंगाना: मिट्टी के प्रकार के आधार पर सब्जियों की सिंचाई केवल सुबह या शाम के समय ही करें ताकि पानी का सही उपयोग हो सके।
7. जल संरक्षण: सभी राज्यों के किसानों को सलाह दी गई है कि वे मिट्टी की नमी बचाने के लिए जैविक मल्च या पुआल का उपयोग करें, ताकि तेज धूप के कारण पानी का वाष्पीकरण कम हो।