WFH in Private Sector: पीएम मोदी की अपील के बाद इस राज्य में 'वर्क फ्रॉम होम' शुरू, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी अब घर से करेंगे काम

WFH in Delhi Private Sector: दिल्ली सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को सलाह दी है कि वे दो दिन 'वर्क-फ्रॉम-होम' (WFH) की नीति अपनाएं। ऑफिस के समय में बदलाव करें, और कर्मचारियों से कार पूलिंग एवं सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का आग्रह करें, ताकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ईंधन बचाने के प्रयासों में मदद मिल सके

अपडेटेड May 17, 2026 पर 4:33 PM
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WFH in Delhi Private Sector: पीएम मोदी की अपील के बाद दिल्ली में 'वर्क फ्रॉम होम' शुरू हो गया है

WFH in Delhi Private Sector: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में स्थित प्राइवेट कंपनियों और संगठनों को सलाह दी है कि वे दो दिन 'वर्क-फ्रॉम-होम' (WFH) की पॉलिसी अपनाएं। इसके तहत ऑफिस के समय में बदलाव करें और कर्मचारियों से कार पूलिंग एवं पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील करें। दिल्ली सरकार ने कहा कि इससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ईंधन बचाने की कोशिशों में मदद मिलेगी।

दिल्ली श्रम विभाग की तरफ से जारी एक एडवाइजरी में उन प्राइवेट संस्थाओं को शामिल नहीं किया गया है जो जरूरी और आपातकालीन सेवाओं में लगी हैं। इसके अलावा अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थान, बिजली, पानी, साफ-सफाई और उससे जुड़ी नगर निगम की सेवाएं भी इस आदेश में शामिल हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस सप्ताह की शुरुआत में 90 दिन का 'मेरा भारत, मेरा योगदान' ईंधन-बचत अभियान शुरू किया था। इसमें दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए दो दिन 'वर्क-फ्रॉम-होम' और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है।


इससे पहले त्रिपुरा सरकार ने ग्रुप C और D कर्मचारियों के लिए 50% ऑफिस अटेंडेंस का नियम लागू कर दिया है। राज्य सरकार ने 14 मई को एक नोटिफिकेशन में यह जानकारी दी। सरकारी आदेश के अनुसार, दक्षिण त्रिपुरा जिला प्रशासन में इसका कार्यान्वयन शुरू हो गया है।

वहीं, उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने 13 मई को ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’, वीकेंड में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ रखने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों के वाहनों का बेड़ा आधा करने और नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लाने सहित अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट बैठक में कहा कि वैश्विक संकट के कारण ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से सहयोग की अपील की है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ को बढ़ावा देते हुए सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को तरजीह दी जाएगी। जबकि निजी क्षेत्रों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक वाहनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक एक अन्य निर्णय में मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या आधी किए जाने, वीक में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ घोषित करने तथा घर से ही कार्य करने को मंजूरी दी गई। यह भी तय हुआ कि आमजन को भी सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ के लिए प्रेरित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई को विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक गाड़ियों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेल सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने यानी वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों का सुझाव दिया था।

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उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि जब सप्लाई चैन पर दबाव होता है तो सरकार द्वारा संकट से निपटने के लिए विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं।

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