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El Nino Fear Impact: अल नीनो के डर से यहां किसानों ने पानी बचाने के लिए धान उगाने की टेक्नीक ही बदली! इससे हो रही बचत समझिए

El Nino Fear Impact: सूखे और पानी की किल्लत के डर से आंध्र प्रदेश के किसानों ने पानी बचाने के लिए धान उगाने की अपनी पारंपरिक तकनीक से अलग हट कर काम करना शुरू किया है। किसान अब पारंपरिक रूप से धान के खेतों को पानी से लबालब भरने के बजाय आधुनिक और कम पानी लेने वाली तकनीकों को अपना रहे हैं, जिससे लाखों लीटर पानी की बचत हो रही है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jun 18, 2026 पर 5:00 PM
El Nino Fear Impact: अल नीनो के डर से यहां किसानों ने पानी बचाने के लिए धान उगाने की टेक्नीक ही बदली! इससे हो रही बचत समझिए
El Nino Fear Impact: किसान अब पारंपरिक रूप से धान के खेतों को पानी से लबालब भरने के बजाय आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं

El Nino Impact on Rice Farming: प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) के पैर पसारने और कम बारिश की आशंका के बीच आंध्र प्रदेश के किसानों ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। सूखे और पानी की किल्लत के डर से यहां के किसानों ने पानी बचाने के लिए धान उगाने की अपनी पारंपरिक तकनीक से अलग हट कर काम करना शुरू किया है। किसान अब पारंपरिक रूप से धान के खेतों को पानी से लबालब भरने के बजाय आधुनिक और कम पानी लेने वाली तकनीकों को अपना रहे हैं, जिससे लाखों लीटर पानी की बचत हो रही है।

पीटीआई की रिपोर्ट में आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के जेआर पुरम गांव के एक ऐसे ही किसान की कहानी बताई गई है। 52 वर्षीय किसान मज्जी सत्यम के एक ऐसे ही के पास 5 एकड़ जमीन और दो बोरवेल हैं। वे जीवनभर अपने पिता के सिखाए पारंपरिक तरीके से ही धान उगाते रहे हैं। यानी पहले नर्सरी में पौधे तैयार करना फिर उन्हें पानी से लबालब भरे खेतों में ट्रांसप्लांट (रोपाई) करना और कटाई तक खेतों में पानी जमा रखना।

इस खरीफ सीजन में अल नीनो के कारण कम बारिश की आशंका को देखते हुए सत्यम ने अपनी तकनीक बदल दी है। सत्यम ने पीटीआई को बताया कि, 'पिछले साल मई में ही बारिश आ गई थी। इस साल अभी तक नहीं आई है। मैंने सुना है कि अल नीनो के कारण इस बार बारिश कम होगी। इसलिए मैंने DSR आजमाने का फैसला किया है।'

क्या है DSR तकनीक?

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