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ग्लोबल संकट में भारत का दांव- एक महीन में 40% तेल रूस से लेने की तैयारी: रिपोर्ट

दूसरी तरफ, हालात और बिगड़ गए जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को निशाना बनाया, जिससे यह अहम रास्ता लगभग बंद हो गया। इसी रास्ते से भारत का लगभग आधा तेल और गैस आता है

Edited By: Shubham Sharmaअपडेटेड Mar 27, 2026 पर 3:53 PM
ग्लोबल संकट में भारत का दांव- एक महीन में 40% तेल रूस से लेने की तैयारी: रिपोर्ट
ग्लोबल संकट में भारत का दांव- एक महीन में 40% तेल रूस से लेने की तैयारी: रिपोर्ट (FILE PHOTO)

एक रिपोर्ट में ऐसा बताया गया है कि भारत जब जनवरी में अमेरिका के साथ एक ऐसा समझौता कर रहा था, जिससे उस पर लगने वाले भारी टैरिफ कम हो सकें, तब नई दिल्ली ने रूस से कच्चा तेल खरीदना कम कर दिया। इसे डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए लिया गया, एक मुश्किल फैसला माना गया। लेकिन सिर्फ दो महीने बाद ही स्थिति बदल गई। अब भारत और रूस फिर से अपनी ऊर्जा (तेल-गैस) साझेदारी बढ़ा रहे हैं। दोनों देश इस बात पर काम कर रहे हैं कि रूस फिर से भारत को LNG (तरल गैस) सीधे बेच सके, जो यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद बंद हो गया था।

अगर यह डील आगे बढ़ती है, तो यह पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के खिलाफ भी जा सकती है। कहा जा रहा है कि बातचीत जल्दी पूरी हो सकती है। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद तेल और गैस की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ गई हैं।

न्यूज एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 मार्च को दिल्ली में रूस के ऊर्जा मंत्री के डिप्टी और भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बीच मीटिंग हुई, जिसमें LNG डील पर आगे बात करने की सहमति बनी।

साथ ही रूस से कच्चे तेल की सप्लाई और बढ़ाने की बात भी हुई। माना जा रहा है कि एक महीने में भारत के कुल तेल आयात का 40% तक हिस्सा रूस से आ सकता है।

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