LPG: कमर्शियल एलपीजी के यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने 27 मार्च को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर्स का ऐलोकेशन 50 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी कर दिया। हालांकि, सरकार ने यह बताया है कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में किन इंडस्ट्रीज को प्रायरिटी मिलेगी। प्रायरिटी वाली इंडस्ट्रीज की लिस्ट में स्टील, ऑटोमोबाइल्स, टेक्सटाइल्स, डायज, केमिकल्स और प्लास्टिक्स इंडस्ट्रीज शामिल हैं। पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई का असर क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई पर पड़ा है।
ऐलोकेशन में प्रोसेस इंडस्ट्रीज को मिलेगी प्रायरिटी
प्रायरिटी वाले सेक्टर में भी प्राथमिकता प्रोसेस इंस्ट्रीज या उन इंडस्ट्रीज को मिलेगा जिनमें स्पेशियलाइज्ड हीटिंग पर्पस के लिए सिर्फ एलपीजी का इस्तेमाल होता है। सरकार ने शुरुआत में कमर्शियल यूजर्स को एवरेज मंथली रिक्वायरमेंट का सिर्फ 20 फीसदी ऐलोकेशन का ऐलान किया था। अतिरिक्त 10 फीसदी ऐलोकेशन का ऐलान उन राज्यों के लिए किया गया था जिनका जोर एलपीजी की जगह पीएनजी के इस्तेमाल पर है।
पहले ही कुल ऐलोकेशन 50 फीसदी तक पहुंच गया था
ऑयल मिनिस्ट्री ने 21 मार्च को एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि राज्यों को अतिरिक्त 20 फीसदी कमर्शियल एलपीजी का ऐलोकेशन मिलेगा। इससे कुल ऐलोकेशन बढ़कर 50 फीसदी पहुंच गया। मौजूदा 50 फीसदी ऐलोकेशन के अलावा अब 20 फीसदी अतिरिक्त ऐलोकेशन के प्रस्ताव से कुल ऐलोकेशन बढ़कर क्राइसिस से पहले के 70 फीसदी के लेवल पर पहुंच जाएगा। सरकार के आदेश में यह जानकारी दी गई है।
कंज्यूमर्स को ऑयल कंपनियों के पास रजिस्टर्ड होना होगा
सरकार ने हालांकि यह कहा है कि 20 फीसदी अतिरिक्त ऐलोकेशन का फायदा उठाने के लिए सभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी कंज्यूमर्स को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास रजिस्टर्ड होना जरूरी है। इसके अलावा उन्हें अपने शहर में सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के पास पीएनजी कनेक्शन के लिए अप्लाई करना होगा। सरकार ने सभी राज्यों को तुरंत रिफॉर्म-बेस्ड ऐलोकेशन का फायदा उठाने को भी कहा है। इससे कमर्शियल/इंडस्ट्रियल एलपीजी का ऐलोकेशन बढ़कर 70 फीसदी तक पहुंच जाएगा। इससे राज्यों में औद्योगिक गतिविधियों में आई रुकावट दूर होगी।
21 मार्च के आदेश में ऐलोकेशन में इन्हें प्रायरिटी मिली थी
इससे पहले 21 मार्च को जारी अतिरिक्त 20 फीसदी ऐलोकेशन में रेस्टॉरेंट्स, ढाबा, होटल्स, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग/डेयरी, सब्सिडाइज्ड कैंटीन आदि को प्रायरिटी दी गई थी। सरकार की कोशिश गैस की कम सप्लाई के बीच पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने की है।