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देश के लिए मील का पत्थर...भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 25,000 करोड़ रुपये पर पहुंचा, राजनाथ सिंह ने दी बड़ी जानकारी

नासिक स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के परिसर में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के रक्षा क्षेत्र में एचएएल के बढ़ते योगदान की सराहना की। वह यहां उन्नत 4.5 जनरेशन के लड़ाकू विमान तेजस Mk1A की पहली उड़ान के मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने तेजस Mk1A और HTT-40 विमानों की नई प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन भी किया

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 17, 2025 पर 5:54 PM
देश के लिए मील का पत्थर...भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 25,000 करोड़ रुपये पर पहुंचा, राजनाथ सिंह ने दी बड़ी जानकारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को बताया कि भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को बताया कि भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश का रक्षा निर्यात अब बढ़कर रिकॉर्ड ₹25,000 करोड़ तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि कुछ साल पहले भारत का रक्षा निर्यात ₹1,000 करोड़ से भी कम था। यह बढ़ोतरी देश की रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी प्रगति को दिखाती है।

रक्षा निर्यात में भारत की ऐतिहासिक उड़ान

रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमारा रक्षा निर्यात, जो पहले ₹1,000 करोड़ से भी कम था, अब रिकॉर्ड ₹25,000 करोड़ तक पहुंच गया है। हमारा लक्ष्य है कि 2029 तक घरेलू रक्षा उत्पादन ₹3 लाख करोड़ और रक्षा निर्यात ₹50,000 करोड़ तक पहुंचे।”

नासिक स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के परिसर में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के रक्षा क्षेत्र में एचएएल के बढ़ते योगदान की सराहना की। वह यहां उन्नत 4.5 जनरेशन के लड़ाकू विमान तेजस Mk1A की पहली उड़ान के मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने तेजस Mk1A और HTT-40 विमानों की नई प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन भी किया। राजनाथ सिंह ने कहा, “यह मेरा एचएएल के नासिक केंद्र का पहला दौरा है, और मैं यहां काम करने वाले हर कर्मचारी के चेहरे पर गर्व और उत्साह देख सकता हूँ। मैं एलसीए Mk1A और सुखोई-30 विमान उड़ाने वाले सभी पायलटों को शुभकामनाएं देता हूं।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस Mk1A के लिए एचएएल की तीसरी और HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान के लिए दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति का प्रतीक बताया। राजनाथ सिंह ने एचएएल को देश की रक्षा ताकत का “मजबूत स्तंभ” बताते हुए कहा, “एक समय यह जगह मिग विमानों के निर्माण के लिए जानी जाती थी, लेकिन आज यह सुखोई जेट और स्वदेशी विमानों के उत्पादन के लिए एक आधुनिक केंद्र बन चुकी है।”

नासिक के सांस्कृतिक महत्व का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस शहर की भूमिका भारत की रक्षा व्यवस्था में भगवान शिव की शक्ति और आत्मा जैसी है। उन्होंने कहा, “यह भूमि, जहाँ भगवान शिव त्र्यंबकेश्वर के रूप में विराजमान हैं, सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि अब आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक भी बन गई है। यहां एचएएल देश की उस शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है, जो जरूरत पड़ने पर दुश्मनों से रक्षा करने और उन्हें जवाब देने में सक्षम है।”

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