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'लू' की मार से भयंकर इन्फ्लेशन की आहट! आपकी थाली पर क्या होगा असर? समझें गर्मी और महंगाई का पूरा गणित

India Inflation Risk: हीटवेव के कारण फसलों, खासकर सब्जियों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है। सरकार ने जून से सितंबर के बीच 'सामान्य से कम' बारिश की भविष्यवाणी की है। भारत की खेती काफी हद तक मानसून पर टिकी है, ऐसे में कम बारिश का सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा जिससे महंगाई और बढ़ सकती है

Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 28, 2026 पर 12:13 PM
'लू' की मार से भयंकर इन्फ्लेशन की आहट! आपकी थाली पर क्या होगा असर? समझें गर्मी और महंगाई का पूरा गणित
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस साल मौसम का मिजाज अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो सकता है

India Heatwave & Inflation Risks: भारत इस समय दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ खाड़ी देशों में युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें $100 के पार हैं, तो दूसरी तरफ भीषण गर्मी और कम बारिश के अनुमान ने नई चिंता पैदा कर दी है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे न केवल बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है, बल्कि आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है।

47 डिग्री तापमान और कम बारिश से 'परफेक्ट स्टॉर्म' की आहट

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस साल मौसम का मिजाज अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो सकता है। हीटवेव के कारण फसलों, खासकर सब्जियों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है। सरकार ने जून से सितंबर के बीच 'सामान्य से कम' बारिश की भविष्यवाणी की है। भारत की खेती काफी हद तक मानसून पर टिकी है, ऐसे में कम बारिश का सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।

महंगाई दर 5% के पार जाने का खतरा

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