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रूस बना भारत का नंबर-1 तेल सप्लायर, ईरान युद्ध से तेल इंपोर्ट पर बड़ा असर; खाड़ी देशों से आयात में 61% की गिरावट

Crude Oil Imports: खाड़ी देशों से तेल न मिलने की स्थिति में भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल का रुख किया है। रूस से भारत का आयात फरवरी के मुकाबले लगभग दोगुना होकर 2.25 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 21, 2026 पर 1:53 PM
रूस बना भारत का नंबर-1 तेल सप्लायर, ईरान युद्ध से तेल इंपोर्ट पर बड़ा असर; खाड़ी देशों से आयात में 61% की गिरावट
होर्मुज के रास्ते होने वाली सप्लाई में 61% की भारी गिरावट आई है, जो घटकर महज 1.18 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गई है

Crude Oil Imports: मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध ने भारत की तेल सप्लाई चेन को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। शिपिंग डेटा के अनुसार, मार्च महीने में भारत के कच्चे तेल के आयात में फरवरी की तुलना में 13% की कमी आई है। 'होर्मुज की खाड़ी' में मचे घमासान के कारण खाड़ी देशों से आने वाला तेल लगभग रुक गया है, जिसकी भरपाई अब रूसी तेल से की जा रही है।

खाड़ी देशों से आयात में 61% की गिरावट

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में तनाव के कारण भारत को मिलने वाले तेल पर भारी असर पड़ा है। होर्मुज के रास्ते होने वाली सप्लाई में 61% की भारी गिरावट आई है, जो घटकर महज 1.18 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गई है।पिछले दो महीनों में भारत आने वाले जहाजों की संख्या नगण्य रही है। पिछले शनिवार को ही होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर हमला हुआ था, जिससे जोखिम और बढ़ गया है। भारत के कुल तेल आयात में खाड़ी देशों की हिस्सेदारी गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 26.3% पर आ गई है।

रूस बना नंबर-1 सप्लायर

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