तीन दिनों तक ड्रोन हमलों और संघर्ष विराम उल्लंघन के बाद पाकिस्तान ने शनिवार को भारत के खिलाफ "ऑपरेशन बनयान उल मरसूस" शुरू किया, जिसके बाद भारतीय शहरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पाकिस्तान ने फतह-2 लंबी दूरी की मिसाइल दागी, लेकिन इसे हरियाणा के सिरसा में ही मार गिराया गया। राजाधानी दिल्ली अभी पूरी तरह से सुरक्षित है और कोई नुकसान नहीं हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की फतह सीरीज की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल की रेंज 120 किलोमीटर है। इससे पहले देर रात भारत ने रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस, पंजाब के शोरकोट में रफीकी एयरबेस और पंजाब के चकवाल में मुरीद एयरबेस में पाकिस्तानी वायुसेना के ठिकानों को निशाना बनाया।
पाकिस्तान ने शुक्रवार को लगातार दूसरी रात जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक 26 जगहों को निशाना बनाकर नए सिरे से ड्रोन हमले शुरू किए थे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एयरपोर्ट और वायु सेना के ठिकानों सहित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की दुश्मन की कोशिशों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया।
पंजाब के फिरोजपुर में हुए हमले में एक परिवार के कुछ सदस्य भी घायल हो गए, अंधेरे के बाद किए गए हमलों में घायलों की संख्या ही ज्ञात है। पाकिस्तान की सीमा से लगे सभी राज्यों में ब्लैकआउट कर दिया गया था।
फिलहाल भारतीय वायुसेना के सभी अड्डे और दूसरे सैन्य प्रतिष्ठान सुरक्षित हैं।
भारत ने इस्लामाबाद, लाहौर और रावलपिंडी समेत पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में जवाबी कार्रवाई की। CNN-News के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि भारत ने पाकिस्तान में तीन वायुसेना ठिकानों पर भी हमला किया।
पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में कई विस्फोट हुए, जिनमें रावलपिंडी में दो, लाहौर और इस्लामाबाद में एक-एक विस्फोट शामिल हैं।
DG इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (डीजी आईएसपीआर) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कबूला कि भारत ने नूर खान एयरबेस और रफीकी एयरबेस पर हमला किया।
भारत ने हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया।
सूत्रों के अनुसार, भारत ने हवाई हमलों में हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि हमले में पाकिस्तान को कई हवाई हथियार खोने पड़े और वे अपनी मशीनें चालू नहीं कर पाए।