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S-400 Missile System: रूस के S-400 की भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी टेंशन में क्यों हो रही चर्चा? जानिए

India Pakistan Tension: भारत ने LoC पर S-400 प्रणाली की तैनाती की हुई है। S-400 एक साथ 300 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और उनमें से 36 को एक साथ निशाना बना सकता है। इसकी रेंज 400 किमी है और यह 30 मीटर से 30,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लक्ष्यों को भेद सकता है। S-400 एंटी मिसाइल सिस्टम 360-डिग्री रडार और मिसाइल कवरेज प्रदान करता है।

Abhishek Guptaअपडेटेड May 08, 2025 पर 7:25 PM
S-400 Missile System: रूस के S-400 की भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी टेंशन में क्यों हो रही चर्चा? जानिए
S-400 Sudarshan Chakra systems

S-400 Sudarshan Chakra: 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तल्खी बढ़ गयी है। दोनों देशों की सीमाओं पर कई मोर्चो पर गोलीबारी जारी है। कई क्षेत्रों में ड्रोन अटैक की भी जानकारी सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक भारत ने गुरुवार को नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान के कई प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल किया है। भारतीय सेना ने देश की सीमा में विस्फोट करने आ रहे पाकिस्तानी ड्रोन को रोकने और मार गिराने के लिए रूस में बने अत्याधुनिक S-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का इस्तेमाल किया।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय वायु सेना ने बीती रात भारत की ओर बढ़ रहे पाकिस्तानी लक्ष्यों के विरुद्ध बड़े पैमाने पर S-400 'सुदर्शन चक्र' का इस्तेमाल किया। इसके बाद से ही S-400 की चर्चा तेज हो गयी है। आइये आपको बताते हैं आखिर क्यों खास है S-400।

S-400 सिस्टम क्या है?

S-400 ट्रायम्फ को रूस के अल्माज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो ने बनाया है। यह एक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) प्रणाली है। इसे दुनिया की सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम में से एक माना जाता है। यह विभिन्न ऊंचाइयों और दूरी पर विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक मिसाइलों सहित विभिन्न हवाई खतरों को ट्रैक करने, निशाना लगाने और नष्ट करने में सक्षम है।

भारत ने रूस के साथ की थी S-400 की डील

साल 2018 में, भारत ने रूस के साथ पांच यूनिट S-400 की खरीद के लिए 5.43 बिलियन डॉलर का सौदा किया था, जिसकी डिलीवरी 2021 के अंत में शुरू हुई थी। हालांकि भारत-रूस के बीच हुई इस डिफेंस डील पर अमेरिका ने CAATSA (प्रतिबंधों के माध्यम से अमेरिका के विरोधियों का मुकाबला करने का एक्ट) के तहत आपत्ति जतायी थी। हालांकि अमेरिकी चेतावनियों के बावजूद, भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इस सौदे को आगे बढ़ाया था।

वर्तमान में, भारत को वायु रक्षा प्रणाली के तीन स्क्वाड्रन मिले हैं, जिन्हें सीमाओं पर तैनात किया गया है। यही वो सिस्टम है जिनका इस्तेमाल अब भारत पाकिस्तान से खतरों को बेअसर करने के लिए सक्रिय रूप से कर रहा है।

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