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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच क्या है भारत के 'एनर्जी सिक्योरिटी' की स्थिति? जानिए सरकार ने क्या-क्या बताया

India's Energy Security: भारत ने पिछले कुछ समय में अपनी ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव किया है ताकि युद्ध जैसी स्थिति में सप्लाई न रुके। कच्चे तेल और LNG के लिए भारत ने अब अपनी निर्भरता केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रखी है, बल्कि रूस और अमेरिका जैसे नए स्रोतों से फ्यूल का इंतजाम पहले ही किए जा चुके हैं

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 13, 2026 पर 4:56 PM
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच क्या है भारत के 'एनर्जी सिक्योरिटी' की स्थिति? जानिए सरकार ने क्या-क्या बताया
'जग विक्रम' टैंकर 20,400 मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात आ रहा है

India Fuel Supply: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरों के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक संयुक्त ब्रीफिंग में साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार ने न केवल वैकल्पिक इंतजाम किए हैं, बल्कि घरेलू सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए 'कंटीजेंसी प्लान' भी लागू कर दिया है।

ईंधन की क्या है स्थिति?

पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि देश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल या डीजल की किल्लत की कोई खबर नहीं है। पेट्रोल और डीजल की बिक्री सामान्य रूप से चल रही है। कहीं भी 'ड्राय आउट' यानी स्टॉक खत्म होने की स्थिति नहीं है। पाइप नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 10% अतिरिक्त कमर्शियल LPG प्रदान की गई है। वहीं नायरा रिफाइनरी के शटडाउन के बावजूद घरेलू LPG उत्पादन 45 TMT के स्तर पर स्थिर बना हुआ है।

'जग विक्रम' ला रहा है 20,400 मीट्रिक टन LPG

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