होर्मुज जलडमरूमध्य में शनिवार को ईरानी गनबोट्स ने दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी कर दी। सूत्रों के अनुसार, गोलीबारी में किसी को चोट नहीं आई और दोनों जहाजों को कोई नुकसान भी नहीं हुआ। हालांकि, घटना के बाद दोनों जहाजों को वापस मुड़ना पड़ा। यह घटना ओमान के उत्तर-पूर्व में उस समुद्री रास्ते पर हुई, जो दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों जहाजों में से एक बहुत बड़ा क्रूड ऑयल टैंकर (VLCC) था, जो लंबी दूरी तक तेल ले जाने के लिए इस्तेमाल होता है।
घटना के बाद भारत सरकार ने तेहरान में ईरानी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब कर लिया है। ऐसा भी बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय (MEA) जल्द ही इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करने वाला है।
सूत्र बताते हैं कि इस समय ईरान में युद्ध की वजह से कंफ्यूजन की स्थिति है। ईरान की अलग-अलग सेनाएं और इकाइयां एक-दूसरे से पूरी तरह समन्वय में नहीं काम कर रही हैं।
इससे पहले अमेरिका की तरफ से भी इस युद्ध में अपने ही जहाजों या सहयोगियों पर गलती से फायरिंग (friendly fire) की घटनाएं हो चुकी हैं।
ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज
आज सुबह ईरान ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब फिर से पहले वाली स्थिति में आ गया है यानी उसने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया।
ईरान का कहना है कि अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकाबंदी के कारण उन्होंने इस महत्वपूर्ण स्ट्रेट पर फिर से सख्त नियंत्रण कर लिया है।
इस घोषणा के बाद कई व्यापारिक जहाजों ने होर्मुज से गुजरने की कोशिश छोड़ दी है। जहाज अब इस रास्ते से आगे नहीं बढ़ रहे हैं।
कल ही तेहरान ने घोषणा की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य, जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल और तरल प्राकृतिक गैस गुजरता है, खुला रहेगा। यह फैसला लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हुए सीजफायर के बाद लिया गया था।
लेकिन आज सुबह ईरान के सेंट्रल मिलिट्री कमांड ने अचानक अपना रुख बदल दिया। अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकाबंदी के जवाब में ईरान ने कहा कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से बंद कर दिया जाएगा।
इस घोषणा के ठीक बाद मरीन ट्रैकिंग वेबसाइटों पर दिखा कि कई जहाज जल्दी-जल्दी इस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे।
भारत से क्या कहा था ईरान ने?
NDTV के मुताबिक, 13 अप्रैल को ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहाली ने बताया था कि भारतीय जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी से आर्थिक नुकसान हो सकता है, लेकिन भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति रहेगी।
राजदूत फतहाली ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका अपनी “अवैध मांगें” नहीं छोड़ता तो ईरान फिर से लड़ाई शुरू कर सकता है। उन्होंने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री ने भारत को 5 दोस्त देशों में शामिल किया है। भारत सरकार से सीधा संपर्क चल रहा है, ताकि भारतीय जहाज आसानी से होर्मुज से गुजर सकें।
फतहाली ने कहा था, “भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने देने के लिए हमारी सरकार से अच्छा संपर्क है।”