Pahalgam Terror Attack: भारत सरकार ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में पांच बड़े फैसले लिए गए। इस मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, NSA अजित डोभाल और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे। यह मीटिंग करीब ढाई घंटे चली। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीटिंग के बाद मीडिया को सरकार के फैसलों की जानकारी दी।
भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही सिंधु नदी और इसकी सहायक नदियों- झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज से पाकिस्तान को पानी की आपूर्ति बंद हो जाएगी। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान जब तक सीमापार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, तब तक संधि पर रोक जारी रहेगी।
अटारी बॉर्डर चेकपोस्ट बंद
अटारी एकीकृत चेक पोस्ट को तुरंत प्रभाव से बंद किया जा रहा है। वैध परमिट के साथ भारत में प्रवेश करने वाले लोगों को 1 मई 2025 से पहले इसी मार्ग से वापसी करनी होगी।
SAARC वीजा छूट योजना समाप्त
पाकिस्तानी नागरिक अब SAARC वीजा छूट योजना (SVES) के तहत भारत नहीं आ सकेंगे। पहले जारी किए गए सभी वीजा अमान्य घोषित कर दिए गए हैं। SVES वीजा पर भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
पाक उच्चायोग के अधिकारी निष्कासित
भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित कर भारत छोड़ने के लिए सात दिन का समय दिया है। भारत और पाकिस्तान के उच्चायोगों की संख्या में और कटौती करके उन्हें मौजूदा 55 से घटाकर 30 किया जाएगा।
भारतीय सैन्य अधिकारियों की वापसी
भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग से सभी रक्षा, नौसेना और वायुसेना सलाहकारों को वापस बुलाने का फैसला लिया है। इन पदों को तत्काल प्रभाव से समाप्त माना जाएगा।
गुरुवार को होगी सभी दलों की मीटिंग
सरकार ने गुरुवार को सभी दलों की बैठक भी बुलाई है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने मांग की थी कि सरकार को पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे पर सभी दलों की बैठक बुलानी चाहिए। पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल) को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए हैं।
पहलगाम हमले के बाद के बड़े अपडेट