पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने भारत को खुली धमकी दी है। भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने राष्ट्र को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि भारत को कल (6-7 मई) रात अपने हवाई हमलों के परिणाम भुगतने होंगे। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके (पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर) में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन ठिकानों में आतंकवादी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ भी शामिल हैं।
पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे। भारत का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने केवल उन लोगों को निशाना बनाया, जिन्होंने निर्दोष लोगों की हत्या की। नागरिक आबादी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
26 नागरिकों के मारे जाने का दावा
वहीं पाकिस्तानी पीएम शरीफ ने अपने संबोधन में दावा किया है कि भारत की एयर स्ट्राइक में 26 नागरिक मारे गए और 43 घायल हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने अपने कदम पीछे हटाने से इनकार किया है। शरीफ ने कहा, "शायद वे सोच रहे थे कि हम पीछे हट जाएंगे, लेकिन वे भूल गए कि यह बहादुरों का देश है।"
शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान जानता है कि कैसे मुंहतोड़ जवाब देना है। हमने अपने से बड़े प्रतिद्वंद्वी को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत के 5 लड़ाकू विमान मार गिराए। आगे कहा कि हम पाकिस्तानी खून की एक-एक बूंद का बदला लेंगे। शरीफ का कहना है कि पिछले महीने पहलगाम में हुआ घातक हमला पाकिस्तान से संबंधित नहीं था। देश पर गलत कारणों से आरोप लगाया गया।
इससे पहले शरीफ ने दावा किया था कि कल रात 80 भारतीय विमान हमले में शामिल थे, लेकिन पाकिस्तान की हवाई रक्षा प्रणाली के जरिए खतरे को प्रभावी ढंग से निष्प्रभावी कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों को भारत की योजनाओं के बारे में पहले से खुफिया जानकारी थी। शहबाज शरीफ ने यह भी दावा किया है कि भारत के जिन लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया, उनमें राफेल भी शामिल हैं। साथ ही दो भारतीय ड्रोन्स को भी मार गिराया। गया। हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। शहबाज शरीफ का कहना है कि पाकिस्तानी सशस्त्र बल चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर हैं और मातृभूमि की रक्षा के लिए तैयार हैं।