SIR Phase 3: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार (14 मई) को देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में 30 मई से चरणबद्ध तरीके से वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने की घोषणा की। निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि इस चरण में दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव में SIR होगा।
इसमें फिलहाल हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को शामिल नहीं किया गया है। चुनाव आयोग के बयान में कहा गया कि हिमपात वाले क्षेत्रों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एसआईआर का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। एसआईआर के तीसरे चरण के दौरान 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है। असम में एक "स्पेशल रिवीजन" किया गया था। इस प्रक्रिया के तहत, 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) गणना चरण के दौरान घर-घर जाकर लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) इन अधिकारियों की सहायता करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि SIR का कार्यक्रम राष्ट्रीय जनगणना के तहत चल रहे मकानों की लिस्ट बनाने के काम के साथ तालमेल बिठाकर तैयार किया गया है। ताकि बेहतर समन्वय हो सके और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक मशीनरी का सही इस्तेमाल हो सके। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाताओं से इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है।
उन्होंने कहा, "मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे विशेष गहन संशोधन (SIR) के तीसरे चरण में पूरे उत्साह के साथ भाग लें और अपने गणना फॉर्म भरें। SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट में केवल योग्य मतदाताओं के नाम ही शामिल हों और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम शामिल न हो।"
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट में केवल योग्य मतदाताओं के नाम ही रहें और अयोग्य व्यक्तियों के नाम शामिल न हों। ECI ने बताया कि तीसरे चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में यह संशोधन प्रक्रिया लागू हो जाएगी।
चुनाव आयोग के अनुसार, इन तीनों क्षेत्रों के लिए एक अलग कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी। आयोग ने बताया कि इन क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को शुरू करने में देरी परिचालन संबंधी कठिनाइयों और भौगोलिक बाधाओं के कारण हुई है। आयोग ने कहा कि जैसे ही जमीनी स्तर पर काम करने के लिए स्थितियां अनुकूल होंगी, वैसे ही कार्यक्रम की घोषणा कर दी जाएगी।
चुनाव आयोग द्वारा SIR प्रक्रिया कई राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को अपडेट करने के अपने नियमित प्रयासों के तहत चलाई जा रही है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन करना और गणना फॉर्म इकट्ठा करना शामिल है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से छूट न जाए।