Big Relief For Airlines: ईरान युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच जूझ रही भारतीय एयरलाइंस के लिए सरकार ने राहत का पिटारा खोल दिया है। IndiGo और Air India जैसी दिग्गज कंपनियों की मांग पर मुहर लगाते हुए भारत के एयरपोर्ट टैरिफ रेगुलेटर (AERA) ने घरेलू उड़ानों के लिए एयरपोर्ट शुल्कों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है।
एयरपोर्ट चार्जेस में 25% की कटौती
एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AERA) ने सभी प्रमुख हवाई अड्डों को निर्देश दिया है कि वे घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की कमी करें। यह कटौती फिलहाल तीन महीनों के लिए लागू की गई है। एयरलाइंस लंबे समय से वित्तीय दबाव झेल रही थीं, क्योंकि ईंधन के बाद एयरपोर्ट शुल्क उनके खर्च का तीसरा सबसे बड़ा हिस्सा होता है।
एयरलाइंस के शेयरों में जबरदस्त उछाल
इस राहत की खबर और अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के संघर्ष विराम के ऐलान का असर शेयर बाजार पर भी दिखा। बुधवार को IndiGo के शेयर 10% की बढ़त के साथ अपर सर्किट पर पहुंच गए। निवेशकों को उम्मीद है कि खर्चों में कमी और युद्ध टलने से एयरलाइंस की बैलेंस शीट में सुधार होगा।
क्या टिकट भी सस्ते होंगे?
भले ही सरकार ने चार्जेस कम किए हैं, लेकिन यात्रियों की जेब को तुरंत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है। वैश्विक एयरलाइन संस्था (IATA) के होने वाले अगले प्रमुख विली वॉल्श के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में 16% की गिरावट आई है और यह $100 के नीचे पहुंचा है, लेकिन जेट फ्यूल (ATF) की कीमतें अभी भी ऊंची बनी रहेंगी।ईंधन महंगा होने और पुराने घाटे के कारण हवाई किराए कुछ समय तक ऊंचे स्तर पर ही बने रह सकते हैं।
डबल मार झेल रही थीं भारतीय एयरलाइंस
भारतीय विमानन कंपनियां दोहरी चुनौती का सामना कर रही थीं। ईरान युद्ध के कारण ईंधन की कीमतें आसमान छू रही थीं। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान भरने पर लगी रोक के कारण लंबी दूरी की उड़ानों में ज्यादा ईंधन खर्च हो रहा था।
होर्मुज का रास्ता खुला, लेकिन चुनौतियां बरकरार
सीजफायर समझौते के तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर सहमत हो गया है। हालांकि, अभी भी करीब 800 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। तेल की सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा, जिसके कारण एयरलाइंस को अभी भी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में रहना होगा।