IndiGo Flight Cancellations: ऑपरेशनल संकट से गुजर रही देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने गुरुवार को कहा कि एयरलाइन कंपनी का तात्कालिक लक्ष्य ऑपरेशंस को सामान्य करना एवं सेवाओं का समय पर संचालन करना है। लेकिन यह कोई आसान लक्ष्य नहीं है। एल्बर्स ने कर्मचारियों को दिए संदेश में यह स्वीकार किया कि एयरलाइन ग्राहकों को हवाई यात्रा का अच्छा अनुभव प्रदान करने के अपने वादे पर खरी नहीं उतर सकी। एल्बर्स ने गुरुवार (4 दिसंबर) को सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल होने और देर होने के बाद माफी भी मांगी है।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले तीन दिनों से परिचालन संबंधी गंभीर व्यवधानों से जूझ रही है। गुरुवार को उसने 300 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। जबकि कई उड़ानें विलंबित रहीं। इस पृष्ठभूमि में जारी अपने बयान में एल्बर्स ने कहा कि पिछले कुछ दिन इंडिगो के कई ग्राहकों और सहकर्मियों के लिए मुश्किल भरे रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हम प्रतिदिन करीब 3,80,000 ग्राहकों को सेवाएं देते हैं और चाहते हैं कि उनमें से प्रत्येक को अच्छा अनुभव मिले। हम पिछले कुछ दिनों में अपने वादे पर खरे नहीं उतर पाए और इसके लिए हमने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।"
विमानन कंपनी प्रतिदिन करीब 2,300 उड़ानें संचालित करती है। इंडिगो समय पर सेवाएं देने के लिए चर्चित है। लेकिन तीन दिसंबर को इसकी उड़ानों का समय पर संचालन घटकर सिर्फ 19.7 प्रतिशत रह गया।
एल्बर्स ने कहा, "हमारे नेटवर्क के आकार, पैमाने एवं जटिलता को देखते हुए ये व्यवधान तुरंत बड़े हो जाते हैं और इनके लिए कई स्तरों एवं आयामों पर हस्तक्षेप की जरूरत होती है। इसके लिए अभी बहुत काम किया जा रहा है।" उन्होंने कहा, "हमारा तात्कालिक लक्ष्य आने वाले दिनों में अपने कामकाज को सामान्य बनाना और सेवाओं को समय पर देना है जो कोई आसान लक्ष्य नहीं है।"
300 से अधिक फ्लाइट्स रद्द
इंडिगो में लगातार तीसरे दिन गुरुवार को भी जारी समस्या की वजह से 300 से अधिक घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया। जबकि कई उड़ानें देर से रवाना हुईं। इस वजह से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि दोपहर तक दिल्ली में इंडिगो की 95, मुंबई में 85, हैदराबाद में 70 और बेंगलुरु में 50 उड़ानें रद्द की गईं। अन्य हवाई अड्डों पर भी उड़ानें रद्द होने और देरी से संचालित होने की बात सामने आई है।
देश के छह प्रमुख हवाई अड्डों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद के संयुक्त आंकड़ों के आधार पर एयरलाइन की समयपालन दर बुधवार को गिरकर 19.7 प्रतिशत पर आ गई जबकि दो दिसंबर को यह 35 प्रतिशत थी। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उड़ानों में हो रही भारी देरी और रद्दीकरण को गंभीरता से लेते हुए एयरलाइन से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। नियामक ने कहा कि वह मौजूदा स्थिति की जांच कर रहा है और परिचालन सामान्य करने के उपायों पर एयरलाइन से चर्चा कर रहा है।
सूत्रों ने बताया कि इंडिगो हाल के दिनों में चालक दल की भारी किल्लत का सामना कर रहा है। दरअसल उड़ान ड्यूटी की सीमा तय करने वाले नए एफडीटीएल नियम लागू होने के बाद से ही एयरलाइन चालक दल की कमी का सामना कर रही है। नए नियमों के तहत पायलटों के लिए साप्ताहिक विश्राम समय बढ़ाया गया है और रात में लैंडिंग की संख्या सीमित की गई है ताकि उड़ान सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।