मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, ईरान ने दो भारतीय लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह जानकारी सूत्रों ने न्यूज18 को दी है। हालांकि अभी भारत सरकार की ओर से इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। माना जा रहा है कि यह फैसला मौजूदा ऊर्जा संकट के बीच एक अहम कूटनीतिक सफलता है। फरवरी के आखिर में क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद से तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर कई देशों में चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में इन भारतीय टैंकरों को गुजरने की अनुमति मिलना भारत के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।
बता दें कि, होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। इसी रास्ते से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति होती है। जब इस जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित होती है तो उसका असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर पड़ता है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए यह स्थिति और भी संवेदनशील हो जाती है। इस रास्त में रोक की खबरों के बाद भारत के ऊर्जा बाजारों पर भी दबाव बढ़ गया था। तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई थी। ऐसे में ईरान द्वारा भारतीय टैंकरों को गुजरने की अनुमति देना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
LPG टैंकर को आने की मिली अनुमति
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन दो टैंकरों को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है, वे भारत की सरकारी तेल कंपनियों के लिए एलपीजी (LPG) लेकर आ रहे थे। ये जहाज ओमान की खाड़ी के बाहर रुके हुए कई जहाज़ों के एक बड़े बेड़े का हिस्सा थे, जो हालात सामान्य होने का इंतज़ार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अगर ये दोनों टैंकर सुरक्षित तरीके से होमुर्ज से गुजर जाते हैं, तो यह संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार होगा जब कोई कमर्शियल एनर्जी शिपमेंट विशेष अनुमति के तहत इस रास्ते को पार करेगी। होर्मुज में जहाज़ों के लिए नौगमन का रास्ता काफी संकरा है और वहां लगभग दो मील चौड़ा मार्ग ही सुरक्षित रूप से जहाज़ों के गुजरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में एलपीजी की बुकिंग सामान्य समय के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ गई है। कई जगहों पर लोगों को डर था कि अगर पश्चिम एशिया में हालात बिगड़े तो गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ऐसे में इन टैंकरों को गुजरने की अनुमति मिलना भारत के लिए राहत की खबर है। ऐसे वक्त में जब पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और तेल की कीमतें ईरान की इस घेराबंदी से कांप रही हैं, भारत को मिला यह विशेष ‘सेफ कॉरिडोर’ किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
बता दें कि, इससे पहले ईरान के राजदूत ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की थी कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को ईरान की ओर से पूरी तरह से सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। राजदूत ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का हवाला देते हुए दो टूक शब्दों में कहा, “हम पुराने दोस्त हैं,” और इस दोस्ती के नाते भारतीय हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।