तमिलनाडु की राजनीति के आकाश में एक नए सितारे का उदय हुआ है। फिल्मों से राजनीति में आए विजय की पार्टी टीवीके राज्य विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आ रही है। यह 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है। टीवीके ने दशकों से तमिलनाडु की राजनीति पर सबसे असर डालने वाली डीएमके और एआईडीएमके को काफी पीछे छोड़ दिया है। विजय की इस करिश्माई जीत का राज क्या है?
विजय को एक्सपर्ट्स ने गंभीरता से नहीं लिया था
तमिलनाडु की राजनीति के जानकारों ने शुरुआत में विजय की टीवीके को खारिज कर दिया था। राजनीति में उनकी एंट्री को फिल्म से राजनीति में आने के ट्रेंड से जोड़कर देखा गया। इससे पहले एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता ने फिल्मों से राजनीति में एंट्री की थी। दोनों ने लंबे समय तक राज्य की राजनीति पर राज किया था। लेकिन, उसके बाद फिल्मों से राजनीति में आए कई लोगों का असफलता का सामना करना पड़ा। कमल हासन इसके उदाहरण हैं।
विजय का नेटवर्थ करीब 600 करोड़ रुपये
विजय का पूरा नाम जोसफ विजय चंद्रशेखर है। लेकिन, उन्हें लोग विजय के नाम से जानते हैं। वह दक्षिण के सबसे सफल फिल्म स्टार्स में से एक हैं। उनका करियर तीन दशक से ज्यादा लंबा रहा है। वह सबसे ज्यादा कमाई करने वाले फिल्म स्टार्स में से भी एक हैं। उनका नेटवर्थ करीब 600 करोड़ रुपये है। उनके पिता एसए चंद्रशेखर एक फिल्म निर्मता थे।
महज 10 साल की उम्र में एक्टिंग की शुरुआत की थी
विजय ने 1984 में महज 10 साल की उम्र में एक्टिंग की शुरुआत की थी। लेकिन, उन्होंने प्रमुख भूमिका 1992 की फिल्म नालिया थिरपू में पहली बार निभाई। धीरे-धीरे उनकी पहचान एक रोमांटिक हीरो की बनती गई। उनकी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक धमाल मचाया। उनकी फैल फॉलोइंग बढ़ती गई। आज राज्य में उनके हजारों फैंस क्लब हैं।
1974 में चेन्नई में हुआ था विजय का जन्म
विजय का जन्म 22 जून, 1974 को चेन्नई में हुआ था। उन्होंने एक्टिंग की शुरुआत भले ही 10 साल की उम्र में कर दी थी। लेकिन, उन्हें सफलता 1990 के दशक और 2000 के दशक के शुरुआती सालों में मिली। बाद में उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। इससे न सिर्फ दक्षिण भारतीय फिल्मों की दुनिया बल्कि पूरे भारत में उनकी बड़ी पहचान बन गई।
परोपकार से भी विजय का है रिश्ता
टीवीके के प्रमुख कई ब्रांड्स का एंडॉर्समेंट करते हैं। उनकी पब्लिक इमेज काफी पावरफुल है। वह परोपकार से भी जुड़े हैं। पिछले कई दशकों में वह खुद एक बड़े ब्रांड के रूप में उभरे हैं। लेकिन, फिल्म की दुनिया से काफी अलग है राजनीति की दुनिया। देखना होगा कि क्या वह एमजी रामचंद्रन और जे जललिता की तरफ सफल होते हैं और अपने मजबूत ब्रांड को राजनीति के मैदान पर भी आगे बढ़ा पाते हैं या नहीं।