Get App

ईरानी नौसेना ने खुद रास्ता दिखाया…होर्मुज से ऐसे निकले भारत के जहाज, सामने आई अंदर की कहानी

शुरुआत में भारत के लिए दोनों देशों को साधना आसान नहीं था। खुद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उस दौरान कम से कम 3 बार अपने ईरानी समकक्ष से फोन पर बात की। इसके बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन से बात की। इन्हीं बातचीत में होर्मुज का रास्ता निकला। नई दिल्ली में ईरान के राजदूत ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Mar 21, 2026 पर 7:07 PM
ईरानी नौसेना ने खुद रास्ता दिखाया…होर्मुज से ऐसे निकले भारत के जहाज, सामने आई अंदर की कहानी
Iran Strait of Hormuz News: ईरान जंग से होर्मुज में तेल और गैस के टैंकर जहां-तहां फंसे हैं।

Iran Strait of Hormuz News: ईरान जंग से होर्मुज में तेल और गैस के टैंकर जहां-तहां फंसे हैं। ईरान के डर से कोई भी होर्मुज पार करने की हिम्मत नहीं कर पा रहा। अमेरिका से लेकर इजरायल होर्मुज को खोलने को बेताब हैं। हालांकि भारत ने भी इस मार्ग से अपने तीन जहाज लाए, लेकिन इसके लिए न तो भारत ने कोई डील नहीं बल्कि कूटनीतिक रास्ता अपनाया। मध्य-पूर्व में अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरानी नौसेना ने कूटनीतिक बातचीत के बाद एक भारतीय एलपीजी टैंकर को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति दी।

ईरानी नेवी ने ली पूरी जानकारी 

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, यह टैंकर उन दो भारतीय जहाजों में शामिल था जिन्हें पहले से तय रास्ते से इस संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने की इजाजत मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जहाज लगातार ईरानी नौसेना के संपर्क में रहा और उससे जुड़ी पूरी जानकारी, जैसे झंडा, कहां से आया, कहां जा रहा है और क्रू की पहचान, मांगी गई। बताया गया कि जहाज पर सभी सदस्य भारतीय थे। इसके बाद उसे एक तय रास्ते से आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।

भारत ने चुना कूटनीति का रास्ता

सब समाचार

+ और भी पढ़ें