Itanagar Landslide: अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर के नीति विहार में भारी भूस्खलन के दौरान दीवार गिरने से चार मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे में तीन अन्य लोग घायल हो गए। ईटानगर राजधानी क्षेत्र (आईसीआर) के पुलिस अधीक्षक (SP) जुम्मार बासर ने बताया कि भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में साइट पर काम कर रहे सात लोग मलबे के नीचे दब गए। यह घटना सोमवार को उस वक्त हुई जब लगातार बारिश के कारण दीवार गिर गई, जिससे मलबे के नीचे मजदूर फंस गए।
बचाव दल ने बाद में सातों मजदूरों को मलबे से बाहर निकाल लिया। लेकिन डॉक्टरों ने उनमें से चार को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, तीनों घायलों का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। मृतकों की पहचान चोकी तसर (23), गोडक राजा (30), गोडक तबिन (35) और रतन बर्मन (26) के रूप में हुई है।
ईटानगर के असिस्टेंट कमिश्नर तमो दादा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया, "यह एक भूस्खलन की घटना थी। निर्माणाधीन सुरक्षा-सह-रिटेनिंग दीवार की साइट पर काम कर रहे सात लोग संरचना ढहने के बाद मलबे में फंस गए थे।"
दादा ने कहा, "सात मजदूरों में से चार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। शुरू में एक व्यक्ति के लापता होने की खबर थी, लेकिन बाद में बचाव अभियान के दौरान उसे मलबे से सुरक्षित निकाल लिया गया।"
अधिकारियों ने बताया कि स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (SDRF) को सोमवार शाम 4:19 बजे इस घटना के बारे में कॉल मिली। इसके बाद SDRF के जवान, ईटानगर पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। फिर बचाव अभियान शुरू किया।
एक अधिकारी ने कहा कि लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधा आई। बारिश की वजह से कीचड़ भारी हो गया और बचाव टीमों के लिए मलबे में फंसे पीड़ितों का पता लगाना मुश्किल हो गया। अधिकारी ने कहा, "बारिश के कारण मिट्टी घनी और अस्थिर हो गई थी, जिससे पीड़ितों की सटीक जगह का पता लगाना कठिन हो गया था। फिर भी, बचाव टीमों ने उन्हें बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया।" अधिकारियों ने बताया कि ढहने के सही कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है।
किश्तवाड़ में भारी बर्फबारी के बीच भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत
ईटानगर के अलावा जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट के पास भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि एक अन्य घायल हो गया। वहीं, जिले के ऊचाई वाले सिंथन टॉप क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बीच फंसे 230 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें महिलाएं एवं बच्चे शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम को देखते हुए एहतियात के तौर पर किश्तवाड़ और उससे सटे डोडा जिले में नगरपालिका सीमा से बाहर स्थित सभी शैक्षणिक संस्थानों को सोमवार के लिए बंद रखने के आदेश जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि रविवार और सोमवार की दरमियानी रात बारिश के कारण किश्तवाड़ जिले के डंगदुरु के पास पॉवर साइट पर भूस्खलन हो गया, जिसमें दो मजदूर मलबे में फंस गए। उन्होंने बताया कि बाद में उनमें से एक श्रमिक की मौत हो गई। जबकि दूसरे को घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
एक अन्य घटना में अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, सेना और नागरिक प्रशासन द्वारा चलाए गए संयुक्त बचाव अभियान में जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले से जोड़ने वाले सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी के बीच 38 वाहनों में सवार 235 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने एसएसपी नरेश सिंह और 11 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी के साथ मिलकर इस बचाव अभियान की निगरानी की।